अर्थ
स्वरूप
भारतीय दर्शनके सन्दर्भमे अर्थ एक पुरुषार्थ है । अर्थके अन्तर्गत ऊ सब चीज आ जा है जे 'भौतिक धन' के रूपमे है जैसे भूमि, अन्न, सोना-चान्दी, रूपैया-पैसा आदि बहुमूल्य पदार्थ आदि ।
भारतीय दर्शनके सन्दर्भमे अर्थ एक पुरुषार्थ है । अर्थके अन्तर्गत ऊ सब चीज आ जा है जे 'भौतिक धन' के रूपमे है जैसे भूमि, अन्न, सोना-चान्दी, रूपैया-पैसा आदि बहुमूल्य पदार्थ आदि ।