आदिवासी (भारतीय)
आदिवासी (जेकरा आदिबासी एहु लिखल जा है) भारतीय उपमहाद्वीपमे विषम जनजातीय समूह है ।[१][२][३] आदिवासी दु शब्द 'आदि' आउ 'वासी' से मिलके बनल है जेकर अर्थ है आदिकालसे ई देशमे निवास करेवाला । २०११ जनगणनाके अनुसार भारतमे आदिवासी भारतके जनसङ्ख्याके ८.६% है ।[४][५][६] भारतीय संविधानमे आदिवासीला 'अनुसूचित जनजाति' पदके प्रयोग कैल गेलै हे । भारतके प्रमुख आदिवासी समुदायमे खड़िया, गोण्ड, हल्बा ,मुण्डा, बोडो, कोल, भील, नायक, सहरिया, सन्थाल, भूमिज, हो, उराँव, बिरहोर, पारधी, असुर, भिलाला आदि है ।

भारतमे आदिवासीके प्रायः 'जनजातीय लोग' के रूपमे जानल जा है । आदिवासी मुख्यरूपसे भारतीय राज्य ओड़िशा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखण्ड, अण्डमान-निकोबार, सिक्किम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड आउ असममे आदिवासी बहुसङ्ख्यक एवं गुजरात, महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक आउ पश्चिमबङ्गालमे अल्पसङ्ख्यक हथिन । भारत सरकार इनका भारतके संविधानके पचमष अनुसूचीमे "अनुसूचित जनजाति" के रूपमे मान्यता दे है ।
चन्दा समिति
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]चन्दा समिति वर्ष १९६० मे अनुसूचित जनजातिके अन्तर्गत कोनो जातिके सम्मिलित करेला ५ मानक निर्धारित कैलकै:
- भौगोलिक एकाकीपन
- विशिष्ट संस्कृति
- पिछड़ापन
- सङ्कुचित स्वभाव
- आदिम जातिके लक्षण
बड़ीमनी छोट आदिवासी समूह आधुनिकीकरणके चलते होवित पारिस्थितिकी पतनके प्रति बड़ी संवेदनशील हथिन । व्यवसायिक वानिकी आउ गहन कृषि दुनहीँ ऊ सब जङ्गलला विनाशकारी साबित होलै हे जे ढेर शताब्दीसे आदिवासीके जीवन यापनके स्रोत रहलै हे ।

आदिवासी भाषा
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भारतमे सब आदिवासी समुदायके अपन विशिष्ट भाषा है । भाषाविज्ञानी भारतके सब आदिवासी भाषाके मुख्यतः तीन भाषा परिवारमे रखलन हे - गोण्डी, द्रविड़, आस्ट्रिक आउ कुछ आदिवासी भाषा भारोपीय भाषा परिवारोके अन्तर्गत आव है । आदिवासी भाषामे भीली बोलेवालाके सङ्ख्या सबसे जादे है जखनिकि दोसर स्थान पर गोण्डी भाषा आउ तीसरा स्थान पर सन्थाली है । चौथा स्थान पर कोरकू भाषा है । भारतीय राज्यमे एकमात्र झारखण्डेमे ५ आदिवासी भाषा - सन्थाली, मुण्डारी, हो, कुड़ुख आउ खड़िया - के २०११ मे द्वितीय राज्यभाषाके दर्जा प्रदान कैल गेलै ।
भारतके ११४ मुख्य भाषामे से २२ ए के संविधानके अठमा अनुसूचीमे सम्मिलित कैल गेलै हे । एकरामे हालमे सम्मिलित कैल गेल सन्थाली आउ बोड़ोए मात्र आदिवासी भाषा है । अनुसूचीमे सम्मिलित सन्थाली (०.६२), सिन्धी, नेपाली, बोड़ो (सब ०.२५), मीतै (०.१५), डोगरी आउ संस्कृत भाषा एक प्रतिशतोसे कम लोग द्वारा बोलल जा है । जखनिकि भीली (०.६७), गोण्डी (०.२५), तुलु (०.१९) आउ कुड़ुख ०.१७ प्रतिशत लोग द्वारा व्यवहारमे लावल जाएके बादो अठमा अनुसूचीमे दर्ज न कैल गेलै हे । (जनगणना २००१)
आदिवासीके धार्मिक विश्वास
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]आदिवासी सनातन धर्मके अभिन्न अङ्ग है । ई वन, पर्वत, नदी, पेड़ पौधा, गौ माता, सूर्यके आराधना कर हथिन । आदिवासी अनादी कालसे हिन्दुधर्मके संस्कृति सभ्यता आउ पुजा पद्धतिसे जुड़ल हथिन । आधुनिक कालमे जबरन बाह्य सम्पर्कमे आवेके फलस्वरूप एखनी ईसाई आउ इस्लामो धर्मके अपनौलन हे । अङ्ग्रेजी राज घड़ी बड़ सङ्ख्यामे एखनी ईसाई बनलन ।
भारतमे १८७१ से लेके १९४१ तक होएल जनगणनामे अङ्ग्रेज द्वारा आदिवासीके जबरन हिन्दुधर्मसे अलगे धर्ममे गिनल गेलै हे जेकरा एबओरिजिन्स, एबोरिजिनल, एनिमिस्ट, ट्राइबल रिलिजन अथवा ट्राइब्स इत्यादि नाममे वर्णित कैल गेलै हे । हालाँकि १९५१ के जनगणनाके बादसे आदिवासीके अलगेसे गिनल बन्द कर देल गेलै हे ।
भारतमे आदिवासीके दु वर्गमे अधिसूचित कैल गेलै हे - अनुसूचित जनजाति आउ अनुसूचित आदिम जनजाति ।
भारतके प्रमुख जनजाति
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भारतमे ४६१ जनजाति है जेकरामे से ४२४ जनजाति भारतके सात क्षेत्रमे बटल है:
उत्तरी क्षेत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- जम्मू-कश्मीर, उत्तराखण्ड , हिमाचलप्रदेश
जाति: लेपचा, भूटिया, थारू, बुक्सा, जॉन सारी, खाम्पटी, कनोटा ।
ई सबमे मङ्गोल जातिके लक्षण मिल है । जैसे:- तिरछा छोट आँख (चीनी, तिब्बती), पीयर रङ्ग, सीधा केस, चेहरा चौड़ा, चपटा नाक ।
- उत्तरप्रदेश
तराई जिलामे थारु, बोक्सा, भूटिया, राजी, जौनसारी, केवल पूर्वी उत्तरप्रदेशके ११ जिलमे गोँड़, धुरिया, ओझा, पठारी, राजगोड़ तथा देवरिया, बलिया, वाराणसी, सोनभद्रमे खरवार, एवं ललितपुरमे सहरिया, सोनभद्रमे बैगा, पनिका, पहडिया, पङ्खा, अगरिया, पतरी, चेरो भूइया ।
पूर्वोत्तर क्षेत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
नागा, मिजो, गारो, खासी, जयन्तिया, आदि, न्याशी, अङ्गामी, भूटिया, कुकी, रेङ्गमा, बोडो आउ देवरी वगैरा जनजाति है ।
पूर्वी क्षेत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- बिहार: असुर, अगरिया, बैगा, बनजारा, बैठुडी, बेदिया, खरवार, घटवाल्स, भूमिज, सन्थाल आदि ।
- ओड़िसा: मुण्डा, सन्थाल, हो, जुआङ्ग, खोड़, भूमिज, खरिया ।
- झारखण्ड: मुण्डा, उराँव, भूमिज, सन्थाल, बिरहोर, हो, घटवाल्स ।
सन्थाल: भारतके सबसे बड़ी जनजाति । सन्थाली भाषाके संविधानमे मान्यता प्राप्त है ।
- पश्चिमबङ्गाल: मुण्डा, हो, भूमिज, उराँव, सन्थाल, कोड़ा ।
पहचान: रङ्ग करिया, चोकलेटी रङ्ग, लम्बा सिर, चौड़ा छोट एवं चपटा नाक, हल्का घुङ्घरैला केस । ई सब प्रोटो आस्टेलाइड प्रजातिसे सम्बन्धित है ।
मध्य क्षेत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]गोण्ड, कोरकू, कोल, परधान, बैगा, मारिया, अबूझमाडिया, धनवार/धनुहार, धुलिया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, हल्बा, कँवर ।
ई सब प्रजाति छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पूर्वी आन्ध्रप्रदेशमे निवास कर है । ई सब प्रोटो आस्टेलाइड प्रजातिसे सम्बन्धित है ।
पश्चिमी भारत
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
- गुजरात, राजस्थानमे विशेष करके उदयपुर सभाङ्गमे भील, भिलाला, मीना एवं मीणा; गरासिया एवं सिरोही कि आबुरोङ एवं पिण्डवाङामे भील, नायक * गरासिया बहुतायत आबूरोङ के भाखर पट्टामे सब आदिवासी समुदाय रह है ।
- पश्चिमी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र : भील, गोण्ड,धाणका भीलाला , बारेला म ठाकर ,महादेव कोळी, वारली, कातकरी इत्यादि ।
दक्षिण भारत
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- केरल: कोटा, बगादा, टोडा । (टोडामे बहुपति प्रथा प्रचलित है ।)
- कुरूम्बा, कादर, चेञ्चु, पूलियान, नायक, चेट्टी - ई सब जनजाति नीग्रिये से सम्बन्धित है ।
- विशेषता: करिय/गोर रङ्ग, बड़ होठ, बड़ नाक, बड़ लम्बाई
द्विपीय क्षेत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- अण्डमान-निकोबार: जाखा, आन्गे, सेण्टलिस, सेम्पियन (शोम्पेन)
ई सब जाति नीग्रिये प्रजातिसे सम्बन्धित है । ई सब लुप्त होवेके कगार पर है ।
प्रमुख आदिवासी व्यक्ति
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- बिरसा मुण्डा, भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी
- जयपाल सिंह मुण्डा, भारतीय राजनीतिज्ञ, स्वतंत्रता सेनानी
- द्रौपदी मुर्मू, भारतीय राजनीतिज्ञ, पहिला भारतीय आदिवासी महिला राष्ट्रपति
- छुट्टन लाल मीणा, अखिल भारतीय मीणाओ के मसिया
- राम दयाल मुण्डा, भारतीय राजनीतिज्ञ, पद्मश्री
- गंगा नारायण सिंह, भारतीय क्रान्तिकारी
- किरोड़ी लाल मीणा, राजस्थान मन्त्रीमण्डल मन्त्री एवं मीणाओ के सबसे बड़ नेता
- जगन्नाथ सिंह, भारतीय क्रान्तिकारी
- रघुनाथ सिंह, भारतीय क्रान्तिकारी
- सुबल सिंह, भारतीय क्रान्तिकारी
- कार्तिक उराँव, भारतीय राजनीतिज्ञ
- रानी दुर्गावती बाई, भारतीय क्रान्तिकारी
- दुर्जन सिंह, भारतीय क्रान्तिकारी
- टण्ट्या भील, भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी
- राणा पूञ्जा भील, योद्धा
- तिलका माञ्झी, भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी
- सिद्धू—कान्हू मुर्मू, भारतीय क्रान्तिकारी
- बिन्दराय मानकी, भारतीय क्रान्तिकारी
- सिंदराय मानकी, भारतीय क्रान्तिकारी
- पोटो हो, भारतीय क्रान्तिकारी
- रघुनाथ मुर्मू, भारतीय लेखक
- महेन्द्रनाथ सरदार, भारतीय लेखक आउ भाषाविद
- लको बोदरा, भारतीय लेखक, ओत् गुरु
- गम्भीर सिंह मुड़ा, पद्मश्री, भारतीय छऊ नर्तक
- अर्जुन मुण्डा, भारतीय राजनीतिज्ञ
- शिबू सोरेन, भारतीय राजनीतिज्ञ
- हेमन्त सोरेन, भारतीय राजनीतिज्ञ
- जानुम सिंह सोय, भारतीय लेखक, पद्मश्री
- डॉ विजय कुमार गावित, भारतीय राजनीतिज्ञ
- मोतीरावण कङ्गाली, लेखक, इतिहासकार, विचारक
एकरो देखथिन
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]केरलके वायण्डके एगो आदिवासी कालोनीके वीडियो
- ओड़िसाके आदिवासी
- वनवासी कल्याण परिषद एगो निजी संस्थाके जालस्थल
- आदिवासी मुन्नेत्र सङ्गल गुडलूर दक्षिण भारतके जङ्गलमे एगो आदिवासी गाँवके आत्मनिर्भर होवेके कथा
- आदिवासी संयोजन समूह -जर्मनीमे
- पत्रिका इण्डिया टुगेदर पर आदिवासीके विशेष पन्ना
- कामत डाट काम पर आदिवासीके तस्वीर
- ओड़िसाके आदिवासीके सङ्गीतके बारेमे एगो जालस्थल पर
- आदिवासी साहित्य यात्रा (गूगल पुस्तक ; लेखिका - रमणिका गुप्ता)
- भारतमे निवास करेवाला आदिवासी समुदायके राज्यवार सूची देखथिन ।
- भारतके आदिम आदिवासीके राज्यवार सूची देखथिन ।
आदिवासी पत्र-पत्रिका
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- जोहार सहिया (आदिवासीके लोकप्रिय मासिक पत्रिका नागपुरी-सादरी भाषामे)
- जोहार दिसुम खबर (१२ आदिवासी भाषामे प्रकाशित भारतके एकमात्र पाक्षिक पत्रिका)
- अखड़ा (११ आदिवासी एवं क्षेत्रीय भाषामे प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका)
- आदिवासी साहित्य
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ Engin F Isin (2015). Citizenship After Orientalism: An Unfinished Project. Taylor & Francis. p. 213. ISBN 978-1-317-68137-3. Archived from the original on 23 मार्च 2023. Retrieved 23 मार्च 2023.
Widely addressed as tribals, Adivasis are heterogeneous groups spread all over the nation having different languages and group identities.
- ↑ Isin, Engin (2016). Citizenship after Orientalism: Transforming Political Theory. Palgrave Studies in Citizenship Transitions. Palgrave Macmillan UK. p. 202. ISBN 978-1-137-47950-1. Archived from the original on 23 मार्च 2023. Retrieved 12 अप्रैल 2023.
'Adivasi' literally means 'original inhabitant', and it refers to heterogeneous adivasis tribal groups living all over the subcontinent.
- ↑ "Adivasi". Encyclopædia Britannica।
- ↑ "2011 Census Primary Census Abstract" (PDF). Censusindia.gov.in. Archived (PDF) from the original on 5 अगस्त 2020. Retrieved 11 जून 2015.
- ↑ "SCs, STs form 25% of population, says Census 2011 data – Indian Express". archive.indianexpress.com. Archived from the original on 16 जुलाई 2017. Retrieved 25 अप्रैल 2015.
- ↑ "CPI(M) demands reservation for SCs, STs in private sector". DNA India. 16 अप्रैल 2015. Archived from the original on 14 जुलाई 2019. Retrieved 14 जुलाई 2019.