आन्तरिक ऊर्जा
ऊष्मागतिविज्ञानमे कौनो निकायमे अन्तर्विष्ट ऊर्जाके ऊ निकायके आन्तरिक ऊर्जा (internal energy) कहल जा हे । ध्यान देवे योग्य हे कि आन्तरिक ऊर्जामे ऊ निकायके गतिज ऊर्जा आउ स्थितिज ऊर्जा सम्मिलित नै कैल जाये । 'कुल' आन्तरिक ऊर्जा U के नै नापल जा सके किन्तु आन्तरिक ऊर्जामे परिवर्तन के नापल जा सकहे ।
जन्ने
- ,
- = निकायके देल ऊष्मीय ऊर्जा,
- = निकाय पर कैल यान्त्रिक कार्य =
आन्तरिक ऊर्जामे परिवर्तन एक बीजीय राशि हे । अर्थात् एकर मान धनात्मक या ऋणात्मक हो सकहे । यदि मान धनात्मक होवे त अभिक्रिया ऊष्माशोषी आउ ऋणात्मक होवे त अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होवहे । आन्तरिक ऊर्जामे परिवर्तन = +ve (ऊष्माशोषी) आन्तरिक ऊर्जामे परिवर्तन = -ve (ऊष्माक्षेपी) । चूँकि आन्तरिक ऊर्जाके मान निकायमे उपस्थित पदार्थके मात्रा पर निर्भर करहे, अतः ई एक मात्रात्मक गुण अथवा विस्तीर्ण गुण हे । कौनो चक्रीय प्रक्रमला आन्तरिक ऊर्जा परिवर्तनके मान शुन्य होवहे । आन्तरिक ऊर्जाके एसआइ मात्रक j/mol या kj/mol होवहे ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- पूर्ण ऊष्मा (या एन्थैल्पी)