आयाम
स्वरूप

- शिखर आयाम (Peak amplitude) (),
- शिखर-से-शिखर आयाम (Peak-to-peak amplitude) (),
- वर्ग माध्य मूल आयाम (Root mean square amplitude) (),
- तरङ्ग आवर्तकाल (Wave period) (ई 'आयाम' नै हे)
गणित आउ भौतिकशास्त्रमे आयाम (amplitude) के कौनो प्रकारसे परिभाषित कैल जा सकहे । कौनो आवर्ती फलन अपन पूर्ण आवर्तकालमे जेत्ता अधिकतम परिवर्तित होवहे, प्रायः ओकरे एकर आयाम (amplitude) कहल जा हे । एकर अतिरिक्त परिवर्ती फलनके उच्चिष्ट आउ निम्निष्टके अन्तरके परिमाणोके आयाम कहल जा हे । पहिले तरङ्गके कलोके आयाम बोलल जा हल ।[१]
आयाम- कम्पित वस्तु अपन मध्य स्थितिसे अधिकतम जे दूरी तक जा हे ओकरा आयाम कहल जा हे ।
ज्या तरङ्गके गणितीय निरूपण
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]ज्यावक्रीय तरङ्गके निम्नलिखित समीकरण द्वारा निरूपित कर सकही-
जन्ने
- तरङ्गके आयाम (या, शिखर आयाम) हे,
- परिवर्ती चरके तात्क्षणिक मान हे,
- कोणीय आवृत्ति हे,
- समय हे,
- एवं कौनो स्वेच्छ नियताङ्क (arbitrary constant) हे जे क्रमशः समयमे ऑफसेट (offset) एवं विस्थापनके ऑफसेट कहल जा सकहे ।
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ कनोप्प, कोन्राद [in English]; बगेमिह्ल, फ्रेडरिक (१९९६). Theory of Functions Parts I and II [फलनके सिद्धान्त भाग प्रथम आउ द्वितीय] (in अङ्ग्रेजी). डोवर पब्लिकेशन्स. p. ३. ISBN 978-0-486-69219-7.
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