आयुर्विज्ञान

आयुर्विज्ञान, (संस्कृत- आयुः + विज्ञान से) मरीज (रोगी) के देखभाल, निदान संचालन, प्राग्ज्ञान, रोगसे उनकर बचाव (निरोधन आउ रोकथाम), उपचार, उनकर रोग आउ अभिघात (जखम) के उपशमन एवं उनकर स्वास्थ्यके वृद्धि करेके विज्ञान एवं कला (कार्यान्वन, अभ्यास या उद्यम) है ।[१][२] ई ऊ विज्ञान आउ कला है जेकर सम्बन्ध मानव शरीरके नीरोग रखे, रोग हो जाए पर रोगसे मुक्त करे अथवा ओकर शमन करे एवं आयु (निरोगी जीवन) बढ़ावेसे है । आयुर्विज्ञान, बीमारी सबके रोकथाम आउ उपचार द्वारा स्वास्थ्यके बनाए रखे आउ बहाल करे ला विकसित विभिन्न प्रकारके स्वास्थ्यसेवा अभ्यास के शामिल करऽहै । समकालीन आयुर्विज्ञान, जैवचिकित्सा विज्ञान, जैवचिकित्सा अनुसन्धान, आनुवंशिकी, चिकित्सा प्रौद्योगिकीके अनुप्रयोग, चोट आउ बीमार के निदान , उपचार आउ रोकथाम करेला करऽहै, आमतौरसे औषधि या शल्यक्रियाके माध्यमसे किन्तु मनोचिकित्सा, बाहरी स्प्लिन्ट्स (कुशा) आउ ट्रैक्शन (कर्षण) , चिकित्सा उपकरण , बायोलॉजिक्स (जीवोत्पाद) आउ आयनकारी विकिरण जैसन ढेर विविध उपचार के माध्यमो से ।[३]
आयुर्विज्ञानके अभ्यास प्रागैतिहासिक कालसे कैल जा रहलै हे, आउ ई समय के अधिकांश समयमे ई एक कला (रचनात्मकता आउ कौशल के क्षेत्र) हलै, जे अक्सर स्थानीय संस्कृतिके धार्मिक आउ दार्शनिक मान्यता से जुड़ल होवऽ हलै । उदाहरण ला एक रोगहारी ओझा, जड़ी-बूटी के प्रयोग करकेे उपचारला प्रार्थना करतै, या एक प्राचीन दार्शनिक आउ चिकित्सक, देहद्रव के सिद्धान्त के अनुसार रक्तपात के प्रयोग करतै । हाल के शताब्दी मे, आधुनिक विज्ञानके आगमनके बादसे , अधिकांश आयुर्विज्ञान, कला आउ विज्ञान (दुनो) के एक संयोजन बन गेलै हे (आधारिक आउ अनुप्रयुक्त दुनो) उदाहरणला जखनकि टाँकाला सिलाई तकनीक अभ्यास के माध्यम से सीखल गेल एक कला है, सिलाई कैल जायेवाला ऊतक मे कोशिका आउ आणविक स्तर पर का होवऽ है एकर ज्ञान विज्ञान के माध्यम से उत्पन्न होवऽ है ।
आयुर्विज्ञानके पूर्ववैज्ञानिक रूप, जेकरा अखनि पारम्परिक चिकित्सा या लोक चिकित्साके रूपमे जानल जा है, वैज्ञानिक चिकित्साके अभावमे आमतौर पर प्रयोग कैल जाता है, आउ ई प्रकार एकरा वैकल्पिक चिकित्सा कहल जा है । सुरक्षा आउ प्रभावकारिताके चिन्ताके साथे वैज्ञानिक चिकित्साके बाहरे वैकल्पिक उपचार के नीमहकीमी कहल जा है ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- चिकित्सा
- स्वास्थ्य विज्ञान
- आयुर्वेद
- प्राकृतिक चिकित्सा
- योग
- मनोरोग विज्ञान
- तन्त्रिका विज्ञान
- भेषजी (फार्मेसी)
- वैकल्पिक चिकित्सा
- दन्तचिकित्सा (डेण्ट्रिस्ट्री)
- पशु चिकित्सा विज्ञान (वेटनरी मेडिसिन)
- विकृतिविज्ञान (पैथोलॉजी)
- अर्बुदविज्ञान
- निश्चेतना विज्ञान
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ Firth, John (2020). "Science in medicine: when, how, and what". Oxford textbook of medicine. Oxford: Oxford University Press. ISBN 978-0-19-874669-0.
- ↑ Saunders, John (June 2000). "The practice of clinical medicine as an art and as a science". Med Humanit. 26 (1): 18–22. doi:10.1136/mh.26.1.18. ISSN 1468-215X. PMID 12484313. S2CID 73306806.
- ↑ "Dictionary, medicine". Archived from the original on 4 March 2016. Retrieved 2 December 2013.
बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]आधुनिक चिकित्साशास्त्र (गूगल पुस्तक; लेखक - धर्मदत्त वैद्य)
रसतरंगिणी का हिन्दी अनुवाद (गूगल पुस्तक; अनुवादक - काशीनाथ शास्त्री)