आवृत्ति मॉड्यूलेशन

आवृत्ति मॉडुलन (फ्रिक्वेन्सी मॉड्यूलेशन), मॉडुलनके एक प्रकार हे जन्ने मॉड्यूलेटिङ्ग सङ्केतके आयाम अनुसारके वाहकके तात्क्षणिक आवृत्ति बदलल जा हे आउ ई वाहकके आयाम अपरिवर्ती बनल रहहे । एकर प्रयोग अनेक स्थान पर होवहे जैसे- दूरसञ्चार, रेडियो प्रसारण, सङ्केत प्रसंस्करण आउ सङ्गणन (कम्युटिङ्ग) मे । आवृत्ति मॉडुलित सङ्केत प्र रव (noise) के प्रभाव कम पड़हे । दोसर शब्दमे कही त डिमॉडुलनके पश्चात् जे मूलसङ्केत प्राप्त कैल जा हे ओकरामे रवके प्रभाव नगण्य रह जा हे ।
सिद्धान्त
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]मानी जे सङ्केतके प्रसारित करेला हे (अर्थात् बेसबैण्ड सङ्केत) ऊ हे आउ साइन-आकारी वाहक सङ्केत हे, जन्ने fc वाहकके आधार (बेस) आवृत्ति हे आउ Ac वाहकके आयाम हे । मॉडुलक (modulator) ई दुनो सङ्केतके मिलाके एगो नया सङ्केत बनावहे जेकरा 'आवृत्ति मॉडुलित' सङ्केत कहल जा हे ।
जन्ने , आवृत्ति मॉडुलकके सुग्राहिता (sensitivity) हे आउ मॉडुलक सङ्केत (या बेसबैण्ड सङ्केत) के आयाम हे ।
ई समीकरणमे आसिलेटरके तात्क्षणिक आवृत्ति हे आउ आवृत्ति विचलन हे, जे बतावहे कि fc से एक दिशामे अधिकसे अधिक केत्ता परिवर्तन हो सकहे, ई मानैत कि xm(t) के मान ±1 के सीमामे रहहे ।
आवृत्ति मॉडुलित सङ्केतके अधिकांश ऊर्जा fc ± fΔ मे निहित होवहे । फुर्रे विश्लेषण (Fourier analysis) द्वार ई दर्शाया जा सकहे कि कौनो FM सङ्केतके निरूपित करेला अपेक्षाकृत एकरासे अधिक आवृत्ति आवश्यक होवहे ।