कलन
| कलन |
|---|
कलन (Calculus) गणितके प्रमुख क्षेत्र हे जेकरामे राशिके परिवर्तनके गणितीय अध्ययन कैल जाहे । एकर दु मुख्य शाखा हे - अवकल गणित (डिफरेन्शियल कल्कुलस) एवं समाकलन गणित (इटीग्रल कलकुलस) । कलनके ई दुनो शाखा कलनके मूलभूत प्रमेय द्वारा परस्पर सम्बन्धित हे । वर्तमान समयमे विज्ञान, अभियान्त्रिकी, अर्थशास्त्र आदिके क्षेत्रमे कलनके प्रयोग कैल जाहे ।
बाबुल, मिस्र, यूनान, चीन, इस्लामी विॆश्व आउ भारतमे कलनके ढेर विचार विकसित कैल गेलहल ।[१][२][३][४] किन्तु परम्परागत रूपसे एही मान्यता हे कि कलनके प्रयोग १७मा शताब्दीके उत्तरार्धमे आरम्भ भेल एवं आइजक न्यूटन आउ लेब्नीज एकर जनक हलन ।
समाकलन
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
समाकलन (Integral Calculus) एक विशेष प्रकारके योग क्रिया हे जेकरामे अति-सूक्ष्म मान वाला (किन्तु गिनतीमे अत्यधिक, अनन्त) सङ्ख्याके जोड़ल जाहे । कौनो फलनके ग्राफ द्वारा बनल वक्र एवं x-अक्ष के बीचके क्षेत्रफल निकालेला समाकलनके प्रयोग करे पड़हे ।
अवकलन
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]अवकलन (Differential Calculus) कौनो एक राशिके कौनो अन्य राशिके सापेक्ष तात्कालिक बदलावके दरके अध्ययन करहे । ई दरके 'अवकलज' (Derivative) कहल जाहे ।
कौनो फलनके कौनो चर राशिके साथे बढ़ेके दरके नापहे । जैसे यदि कौनो फलन y कौनो चर राशि x पर निर्भर हे आउ x के मान x1 से x2 करेपर y के मान y1 से y2 हो जाहे त (y2 - y1)/(x2 - x1) के y के x के सन्दर्भमे अवकलज कहल जाहे । एकरा dy/dx से निरूपित कैल जाहे । ध्यान रहे कि परिवर्तन (x2 - x1) सूक्ष्मसे सूक्ष्मतम (tend to zero) होवेके चाही । एहीला सीमा (limit) के अवकलनमे बड़ी महत्वपूर्ण स्थान हे । कौनो वक्र (curve) के कौनो बिन्दु पर प्रवणता (slope) जानेला ऊ बिन्दु पर अवकलजके गणना करे पड़हे ।
अर्थात्
मानी f(x) = x2
एक फलन हे जेकर अवकल नीचे देखावल गेलहे -
- उदाहरण
कलनके मूलभूत प्रमेय
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]'समाकलन आउ अवकलन एक दोसराके व्युत्क्रम क्रिया हे' - ई कथनके पुष्टि करेवाला दु प्रमेयके कलनके मूलभूत प्रमेय कहल जाहे । ईसभ प्रमेयके खोज न्यूटन एवं लेइब्नित्ज कैलन हल ।
उपयोग
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]कलनके उपयोग सभ भौतिक विज्ञान, इञ्जीनियरी, सङ्गणक विज्ञान, साङ्ख्यिकी, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, आयुर्विज्ञान, एवं अन्यान्य क्षेत्रमे होवहे । जन्नहुँ कौनो डिजाइन समस्याके गणितीय मॉडल बनावल जा सकहे आउ इष्टतम (optimal) हल प्राप्त करेला होवे, कलनके प्रयोग कैल जाहे । कलनके सहायतासे हमनी परिवर्तनके अनियत चर दरोके (non-constant rates) लेके आसानीसे आगे बढ़ पावही ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- अवकल ज्यामिति
- कलनके मूलभूत प्रमेय
- सदिश कैलकुलस
- गणितीय विश्लेषण
- अवकल समीकरण
- अवकलजके सूची (List of Derivatives)
- समाकलजके सूची (List of Integrals)
- कलनके इतिहास
- केरलीय गणित सम्प्रदाय
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ "Ancient Babylonian texts 'earliest evidence of mathematical astronomy'". एबीसी न्यूज (in Australian English). 2016-01-28. Retrieved 2023-04-08.
- ↑ "Calculus Before Newton and Leibniz – AP Central | College Board". apcentral.collegeboard.org (in English). Retrieved 2023-04-08.
- ↑ "Ideas of Calculus in Islam and India | Mathematical Association of America". www.maa.org. Archived from the original on 8 अप्रैल 2023. Retrieved 2023-04-08.
- ↑ "Calculus Was Developed in Medieval India". Archived from the original on 2 अप्रैल 2015. Retrieved 20 मार्च 2015.