कोण
| ज्यामिति |
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ओक्सीरिङ्कस पेपिरस (P.Oxy. I 29) जे यूक्लिडके एलीमेण्ट्सके एक टुकड़ा देखावैत हे |
| ज्यामितिके इतिहास |
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अनुसन्धानके क्षेत्र |
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यदि कौनो रेखा अपन एक सिराके स्थिर रखके घूमैत अपन स्थितिमे परिवर्तन करहे, त रेखाके परिक्रमणके मापके कोण (Angle) कहल जाे ।

ज्यामितिमे कोण ऊ आकृति हे जे एकबिन्दुसे दु सरल रेखाके निकले पर बनहे ।
कोणके चिन्ह (धन एवं ऋण)
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]कौनो कोण परिक्रामी रेखा (Revolving Line) द्वारा दु प्रकारसे अनुरेखित कैल जा सकहे -
यदि परिक्रामी रेखा वामावर्त (Anti Clock Wise) दिशा घूमके कोण बनावहे त ई प्रकारसे बनल कोण धनात्मक (Positive) होवहे ।
यदि परिक्रामी रेखा दक्षिणावर्त (Clock Wise) दिशा घूमके कोण बनावहे त ई प्रकारसे बनल कोण ऋणात्मक (Nagative) होवहे ।
धन एवं ऋण कोणके उनखर राशिके आगे '+' या '-' के चिह्न लगाके प्रदर्शित कैल जाहे ।
कोणके प्रकार
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]1. शून्य कोण: ऊ कोण जेकर मान 0° होवहे ओकरा शून्य कोण कहल जाहे ।
2. न्यूनकोण: जौन कोणके मान 0° से बड़ आउ 90° से छोट होवे ओकरा न्यूनकोण कहल जाहे ।
3. समकोण: जौन कोणके मान 90° होवहे ओकरा समकोण कहल जाहे ।
4. अधिककोण: जौन कोणके मान 90° से बड़ आउ 180° से छोट होवे ओकरा अधिककोण कहल जाहे ।
5. ऋजुरेखीय कोण: जौन कोणके मान 180° होवे ओकरा ऋजुरेखीय कोण कहल जाहे ।
6. वृहत्तकोण: जौन कोणके मान 180° से बड़ आउ 360° से छोट होवे ओकरा वृहत्तकोण कहल जाहे
7. पूर्णकोण: जौन कोणके मान 360° होवे ओकरा पूर्णकोण कहल जाहे ।
8. कोटिपुरक कोण या पूरक कोण: दु कोणके योगफल 90° होवे त ओकरा कोटिपुरक कोण कहल जाहे ।
9. सम्पूरक कोण: दु कोणके योगफल 180° होवे त ओकरा सम्पूरक कोण कहल जाहे ।
बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- Angle Bisectors in a Quadrilateral at cut-the-knot
- Constructing a triangle from its angle bisectors at cut-the-knot
- Convert angles in sexagesimal degree format to decimal degrees, and vice-versa
- Angle Estimation – for basic astronomy.
- Angle definition pages with interactive applets.
- Various angle constructions with compass and straightedge
- GonioLab DD – Convert between DecDeg and DegMinSec and vice-versa (requires Java Web Start)