गिरिडीह जिला
| गिरिडीह जिला | |
|---|---|
| झारखण्डके जिला | |
झारखण्डमे गिरिडीह जिलाके स्थिति | |
| देश | |
| राज्य | |
| प्रमण्डल | उत्तर छोटानागपुर |
| मुख्यालय | गिरिडीह |
| सरकार | |
| • जिलाध्यक्ष | श्री नमन प्रियेश लाकड़ा |
| • लोकसभा निर्वाचनक्षेत्र | १. कोडरमा, २. गिरिडीह |
| • बिधानसभा निर्वाचनक्षेत्र | ६ |
| क्षेत्रफल | |
| • कुल | 4,962 किमी2 (1,916 वर्ग मील) |
| जनसङ्ख्या (2011) | |
| • कुल | २४,४५,४७४ |
| • घनत्व | Lua error in Module:Convert at line 1866: attempt to index local 'en_value' (a nil value). (Lua error in Module:Convert at line 1866: attempt to index local 'en_value' (a nil value).) |
| • नगरी | ०६.४१ |
| जनसाङ्ख्यिकी | |
| • साक्षरता | 63.14%[१] |
| • लिङ्गानुपात | 940 |
| समयमण्डल | युटिसि+०५:३० (भा मा स) |
| जालस्थल | giridih |
गिरिडीह जिला झारखण्ड राज्य, भारतमे स्थित हे आउ एकर मुख्यालय गिरिडीह नगर हे । ई जिला पूर्वी झारखण्ड क्षेत्रमे स्थित है आउ एकर क्षेत्रफल लगभग ४८५० वर्ग किलोमीटर है । गिरिडीह जिला अपन ऐतिहासिक आउ सांस्कृतिक दृष्टियोसे महत्वपूर्ण है । एहाँके ढेर स्थान ऐतिहासिक आउ पौराणिक कड़ीसे जुड़ल है आउ ई जिलामे ढेर पर्व आउ त्योहार धार्मिक आउ सांस्कृतिक परम्पराके साथे मनावल जा है ।
गिरिडीहके अर्थ है 'गिरी' के अर्थ 'पहाड़, पर्वत' आउ 'डीह' के अर्थ है 'क्षेत्र या भूमि' होवहै, मनेकि गिरिडीह शब्दके शाब्दिक अर्थ निकलहै 'पहाड़ वाला क्षेत्र' । गिरिडीह जिला एक उद्यमी आउ सकारात्मक सामाजिक संरचनाके साथहुँ जानल जा है । एहाँके लोगके आजीविकाके मुख्य साधन कृषि है, जेकरामे धान, गेहूँ, आउ अन्य फसल शामिल है । गिरिडीह जिला अपन प्राकृतिक सौन्दर्य, सांस्कृतिक धरोहर आउ कृषि दृष्टिसे समृद्धिके केन्द्र है, आउ ई अपन स्थानीय आदिवासी भाषा आउ सांस्कृतिक विविधतोला प्रसिद्ध है ।
विवरण
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]गिरिडीह झारखण्ड राज्यके पूर्वोत्तरमे स्थित एक जिला है । ई अबरख एवं कोइला नियन खनिजला प्रसिद्ध है । जैनके प्रसिद्ध तीर्थस्थल पार्श्वनाथो एही जिलामे स्तिथ है, जे कि जिला मुख्यालयसे २६ किलोमीटरके दुरी पर है । झारखण्डके राजधानी राँचीसे एहाँके दुरी लगभग २०५ किलोमीटर है । वैज्ञानिक सर जगदीश चन्द्र बोसो एहैँसे हलन ।
जिलाके मुख्यालय गिरिडीह नगर है । गिरिडीह जिला ४ दिसम्बर १९७२ के हजारीबाग जिलाके विभजनके तौरपर बनलै हल । ई जिला २४ डिग्री ११ मिनट उत्तरी अक्षांश आउ ८६ डिग्री १८ मिनट पूर्वी देशान्तरके बीचे स्थित है । ई जिला उत्तरी छोटानागपुर जिलाके मध्ये स्थित है । एकर उत्तरमे बिहार राज्यके जमुई आउ नवादा जिला है, पुर्वमे देवघर आउ जामताड़ा, दक्षिणमे धनबाद आउ बोकारो आउ पश्चिममे हजारीबाग एवं कोडरमा जिला है । गिरिडीह जिला ४८५३.५६ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रमे फैलल है । प्रसिद्ध पारसनाथ पहाड़ी एहैँये स्थित है आउ ई झारखण्डके सबसे ऊँचा चोटी है जेकर ऊँचाई समुद्रतलसे ४४३१ फीट है । ई जिला रूबी, अभ्रक आउ कोइला नियन खनिजोला प्रसिध्द है। प्रसिद्ध शेरशाह सूरी मार्ग (राष्ट्रिय राजमार्ग २) ई जिलासे होके गुजरहै ।
इतिहास
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]गिरिडीह जिलाके इतिहास ई बतावहै कि ई छोटानागपुर पठारके हजारीबाग जिलाके एक भाग है । छोटानागपुरके सम्पूर्ण क्षेत्र जे झारखण्डके रूपमे जानल जा है दुर्गम पहाड़ी आउ जङ्गलसे घिरल है । हालाँकि ई क्षेत्र भारतके ढेर भागके साथे सण्पर्कमे हलै, अखनितक गैर-आर्य आदिवासी जेकर कौनो राजा न हलै एहाँ निवास करहै । नियमित विदेशी आक्रमणकारीके कारण छोटानागपुरके निवासी एक राजाके चुनावके निर्णय लेलक आउ मुण्डा राज्यके राजा बनल । गिरिडीह जिलाके इतिहासके अनुसार गिरिडीह जिला सहित छोटानागपुर प्रमण्डल अशोषित रूपमे प्रकट प्रतीत होलै हे । १५५६ ईस्वीमे दिल्लीके गद्दीके उत्तरघिकारी अकबर झारखण्डके इतिहासके नया मोड़ देलकै । मुगल सम्राटला ई खुखराके रूपमे जानल जा हलै । ऊ अबधि खन्नि ई क्षेत्रके प्रथम मुगल राजस्व प्रशासनके रूपमे पेश कैल गेलै । रामगढ़ केन्दी कुन्दा आउ खरगडीहा (जे कि पुरान जिला हजारीबागके साथ गिरिडीहके शामिल करके गठित कैल हल) एवं पूरा पलामू विजय प्रान्त हलै जेकरा ब्रिटिश जिलाके रूपमे गठन कैल गेलै । १९३१ मे कोइलाके उत्पादनमे बढ़ोत्तरीके बाद क्षेत्रके प्रसाशनिक संरचना बदल गेलै पर गिरिडीहके गम्भीरतासे प्रभावित न कर पैलै । ई प्रान्त दक्षिण पश्चिम फ्रोण्टियरके भाग बन गेलै आउ एक प्रमण्डलके गठन कैलकै जे कि हजारीबाग हलै, जेकर प्रसाशनिक मुख्यालय हजारीबाग हलै । १९५४ मे दक्षिण पश्चिम फ्रण्टियर एजेन्सी छोटानागपुरमे बदल गेलै आउ ई बिहारके लेफ्टिनेण्ट गवर्नरके अन्तर्गत एक गैर विनियमन प्रान्तके रूपमे प्रसाशित कैल जाए लगलै ।
भूगोल
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भौगोलिक दृष्टिसे गिरिडीह जिला मोटा तौरपर दु प्राकृतिक विभाग, अर्थात् केन्द्रीय पठार आउ निचला पठारमे विभाजित है । केन्द्रीय पठार, जिलाके बगोदर प्रखण्ड भिरु पश्चिमी भाग छूवहै । निचला पठारके औसत ऊँचाई ओकर उतार-चढ़ाव सतहसे १३०० फुट है । उत्तर आउ उत्तर पश्चिममे निचला पठार बड़ी फार्मके स्तर पठार होवहै जखनि तक कि ७०० फुट नीचे घाट पर न पहुँचै । जिलामे शामिल विशाल जङ्गलके समानरूपसे वितरित करहै । पेड़मे सबसे प्रसिद्ध साल है आउ प्रमुख प्रजाती एहाँ पाएल जा है । अन्य प्रजाति बाँस, सिमुल, महुआ, पलास, कुसुम, केन्द, आसन पीयार आउ भेलवा है । गिरिडीह जिला दु मुख्य जलसिरामे विभाजित है - बराकर आउ सकरी नदी । जिला खनिज संसाधनमे समृद्ध है आउ एकरा एहाँ ढेर बड़ कोइला क्षेत्र है जे भारतमे मेटलर्जिकल कोइलाके सर्वोत्तम गुणके होवहै । झारखण्डके ई जिलामे बड़ पैमाना पर मीका पाएल जा है, जे कि न केवल भारत बल्कि अन्य देशोला महत्वपूर्ण है । ई जादेतर तिसरी आउ गाँवा प्रखण्डमे पाएल जा है ।
पर्यटक स्थल
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]गिरिडीह जिलामे ढेर लोकप्रिय पर्यटक स्थल है । झारखण्डके सबसे ऊँचा पर्वत आउ एक प्रमुख पर्यटन स्थल, पारसनाथ पहाड़ी, एही जिलामे स्थित है । मानल जा है कि ई पर्वत पर २४ जैन तीर्थङ्कर मोक्ष प्राप्त कैलन हल । शिखरजी पर्यटन स्थल समुद्रतलसे लगभग १३५० मीटरके ऊँचाई पर स्थित है । ई स्थानके घूमेला पर्यटक बड़ी अधिक सङ्ख्यामे आवहथिन ।[२]
जिलाके दर्शनीय स्थलके यात्रा दर्शनीय विकल्पमे पेश करहै । ई जिलाके दौरा करेवाला यात्रीके उपलब्ध विकल्पके साथे एक साहसिक अनुभवो होवहै । गिरिडीह जिलाके महत्वपूर्ण पर्यटकस्थल उसरी फॅाल, खण्डोली, मधुबन, पारसनाथ, राजदह धाम निमाटाँड, झारखण्डी धाम आउ हरिहर धाम है ।
एकरो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ "District-specific Literates and Literacy Rates, 2001". Registrar General, India, Ministry of Home Affairs. Retrieved 2010-10-10.
- ↑ "झारखंड का मशहूर दर्शनीय स्थल है पारसनाथ पहाड़ी, घूमने के लिए अच्छा है ये मौसम". प्रभात खबर. 1 अगस्त 2023. Retrieved 30 नवम्बर 2023.