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त्रिकोणमिति

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कौनो दूरस्थ आउ सीधा नापेमे कठिन सर्वेक्षणला समरूप त्रिभुजके प्रयोगके उदाहरण (1667)

त्रिकोणमिति गणितके ऊ शाखा हे जेकरामे त्रिभुज आउ त्रिभुजसे बनेवाला बहुभुजके अध्ययन होवहे । त्रिकोणमितिके शब्दिक अर्थ हे 'त्रिभुजके मापन' ।[] अर्थात् त्रिभुजके भुजाके मापन, अतः त्रिकोणमिति गणितके ऊ भाग हे जेकरामे त्रिभुजके भुजाके मापनके अध्ययन कैल जाहे । त्रिकोणमितिमे सबसे अधिक महत्वपूर्ण हे समकोण त्रिभुजके अध्ययन । त्रिभुज आउ बहुभुजके भुजाके लम्बाई आउ दु भुजाके बीचके कोणके अध्ययन करेके मुख्य आधार ई हे कि समकोण त्रिभुजके केहु दु भुजा (आधार, लम्ब आउ कर्ण) के अनुपात ऊ त्रिभुजके कोणके मान पर निर्भर करहे । त्रिकोणमितिके ज्यामितिके प्रसिद्ध बौधायन प्रमेय (पाइथागोरस प्रमेय) से गहरा सम्बन्ध हे ।

त्रिभुज ABC
इकाई त्रिज्या वाला एक वृत्तके सहायतासे कौनो कोण θ के सभ त्रिकोणमितीय फलन ज्यामितीय रूपसे दर्शावल जा सकहे ।
ज्या sine
कोज्या (कोज) cosine
स्पर्शज्या (स्पर) tan
व्युज्या (व्युज) cosec
व्युकोज्या (व्युक) sec
व्युस्पर्शज्या (व्युस) cot

एक समकोण त्रिभुजके तीनो भुजा (कर्ण, लम्ब आउ आधार) के लम्बाईके आपसमे अनुपातके त्रिकोणमितीय अनुपात कहल जाहे । तीन प्रमुख त्रिकोणमितीय अनुपात हे:

ज्या (स) = लम्ब/कर्ण
कोज (स)= आधार/कर्ण
स्पर (स)= लम्ब/आधार

बाकी तीन अनुपात ऊपरेके अनुपातके व्युत्क्रम होवहे:

व्युज (स) = कर्ण/लम्ब
व्युक (स)= कर्ण/आधार
व्युस (स)= आधार/लम्ब

कोण आधार आउ कर्णके बीचेके कोणके मान हे । त्रिकोणमितिके लगभग सभ गणनामे त्रिकोणमितीय अनुपातके प्रयोग कैल जाहे ।

स्पर (स) = ज्या (स) / कोज (स)
व्युस (स) = कोज (स) / ज्या (स)

दोसर विधि : त्रिकोणमित्तीय फलनके परिभाषा कोणके 'सामनेके भुजा', 'सङ्लग्न भुजा' एवं कर्णके अनुपातके रूपमे याद करेसे कहियो 'लम्ब' या 'आधार' के भ्रम नै रहे । नीचे opp = सामनेके भुजा ; adj = सङ्लग्न भुजा एवं hyp = कर्ण

त्रिकोणमितीय अनुपात आउ बौधायन प्रमेय

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बौधायन प्रमेयके अनुसार : कर्ण = लम्ब + आधार

ई प्रकार कौनो कोण लागि : ज्या(स) + कोज(स) = १

बौधायन प्रमेयसे एहु स्पष्ट हे कि कौनो कोणला ज्या आउ कोज्याके धनात्मक मान ० आउ १ के बीचे हो सकहे ।

कुछ कोणके त्रिकोणमितीय मान

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टिप्पणी : भारतके महान् गणितज्ञ आर्यभट्ट चौथा शताब्दीमे शून्यसे ९० अंशके बीच चोबीस कोणके ज्या के मानके सारणी प्रस्तुत कैलन हल ।

निम्नलिखित तालिका कुछ प्रमुख कोणके त्रिकोणमितीय मान दर्शावह -

ज्या कोज्या स्पर्शज्या कोस्पर्शज्या व्युकोज्या व्युज्या
०°
३०°
४५°
६०°
९०°

प्रमुख त्रिकोणमितीय सूत्र

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योग नियम की व्याख्या

उपरोक्तमे यदि α = β रख दी त,





त्रिभुजके भुजा एवं कोणमे सम्बन्ध

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जने

या: