त्रिकोणमिति

त्रिकोणमिति गणितके ऊ शाखा हे जेकरामे त्रिभुज आउ त्रिभुजसे बनेवाला बहुभुजके अध्ययन होवहे । त्रिकोणमितिके शब्दिक अर्थ हे 'त्रिभुजके मापन' ।[१] अर्थात् त्रिभुजके भुजाके मापन, अतः त्रिकोणमिति गणितके ऊ भाग हे जेकरामे त्रिभुजके भुजाके मापनके अध्ययन कैल जाहे । त्रिकोणमितिमे सबसे अधिक महत्वपूर्ण हे समकोण त्रिभुजके अध्ययन । त्रिभुज आउ बहुभुजके भुजाके लम्बाई आउ दु भुजाके बीचके कोणके अध्ययन करेके मुख्य आधार ई हे कि समकोण त्रिभुजके केहु दु भुजा (आधार, लम्ब आउ कर्ण) के अनुपात ऊ त्रिभुजके कोणके मान पर निर्भर करहे । त्रिकोणमितिके ज्यामितिके प्रसिद्ध बौधायन प्रमेय (पाइथागोरस प्रमेय) से गहरा सम्बन्ध हे ।
त्रिकोणमितीय अनुपात
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- ज्या sine
- कोज्या (कोज) cosine
- स्पर्शज्या (स्पर) tan
- व्युज्या (व्युज) cosec
- व्युकोज्या (व्युक) sec
- व्युस्पर्शज्या (व्युस) cot
एक समकोण त्रिभुजके तीनो भुजा (कर्ण, लम्ब आउ आधार) के लम्बाईके आपसमे अनुपातके त्रिकोणमितीय अनुपात कहल जाहे । तीन प्रमुख त्रिकोणमितीय अनुपात हे:
- ज्या (स) = लम्ब/कर्ण
- कोज (स)= आधार/कर्ण
- स्पर (स)= लम्ब/आधार
बाकी तीन अनुपात ऊपरेके अनुपातके व्युत्क्रम होवहे:
- व्युज (स) = कर्ण/लम्ब
- व्युक (स)= कर्ण/आधार
- व्युस (स)= आधार/लम्ब
कोण स आधार आउ कर्णके बीचेके कोणके मान हे । त्रिकोणमितिके लगभग सभ गणनामे त्रिकोणमितीय अनुपातके प्रयोग कैल जाहे ।
- स्पर (स) = ज्या (स) / कोज (स)
- व्युस (स) = कोज (स) / ज्या (स)
दोसर विधि : त्रिकोणमित्तीय फलनके परिभाषा कोणके 'सामनेके भुजा', 'सङ्लग्न भुजा' एवं कर्णके अनुपातके रूपमे याद करेसे कहियो 'लम्ब' या 'आधार' के भ्रम नै रहे । नीचे opp = सामनेके भुजा ; adj = सङ्लग्न भुजा एवं hyp = कर्ण
त्रिकोणमितीय अनुपात आउ बौधायन प्रमेय
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बौधायन प्रमेयके अनुसार : कर्ण२ = लम्ब२ + आधार२
ई प्रकार कौनो कोण स लागि : ज्या२(स) + कोज२(स) = १
बौधायन प्रमेयसे एहु स्पष्ट हे कि कौनो कोणला ज्या आउ कोज्याके धनात्मक मान ० आउ १ के बीचे हो सकहे ।
कुछ कोणके त्रिकोणमितीय मान
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टिप्पणी : भारतके महान् गणितज्ञ आर्यभट्ट चौथा शताब्दीमे शून्यसे ९० अंशके बीच चोबीस कोणके ज्या के मानके सारणी प्रस्तुत कैलन हल ।
निम्नलिखित तालिका कुछ प्रमुख कोणके त्रिकोणमितीय मान दर्शावह -
| स | ज्या | कोज्या | स्पर्शज्या | कोस्पर्शज्या | व्युकोज्या | व्युज्या |
|---|---|---|---|---|---|---|
| ०° | ||||||
| ३०° | ||||||
| ४५° | ||||||
| ६०° | ||||||
| ९०° |
प्रमुख त्रिकोणमितीय सूत्र
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उपरोक्तमे यदि α = β रख दी त,
पाइथागोरस सूत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]त्रिभुजके भुजा एवं कोणमे सम्बन्ध
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साइन सूत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]जने
- ।
कोसाइन सूत्र
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]या:
- ।