त्रिकोणमितीय फलन

गणितमे त्रिकोणमितीय फलन (trigonometric functions) वा 'वृत्तीय फलन' (circular functions) कोणके फलन हे । ई त्रिभुजके अध्ययनमे एवं आवर्ती सङ्घटना (periodic phenomena) के मॉडलन एवं अन्य अनेकानेक जगह प्रयुक्त होवहे ।
ज्या (sine), कोज्या (कोज) (cosine) एवं स्पर्शज्या (स्पर) (tangent) सबसे महत्वके त्रिकोणमितीय फलन हे । ईकाई त्रिज्या वाला मानक वृत्तके सन्दर्भमे ईफलन सामनेके चित्रमे प्रदर्शित हे । ई तीनो फलनके व्युत्क्रम फलनके क्रमशः व्युज्या (व्युज) (cosecant), व्युकोज्या (व्युक) (secant) एवं व्युस्पर्शज्या (व्युस) (cotangent) कहल जाहे ।
समकोण त्रिभुज परा आधारित परिभाषा
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- सङ्केत
सामने = कोण सामनेके भुजाके लम्बाई
संलग्न = कोणसे संलग्न (लगल) भुजाके लम्बाई
कर्ण = समकोण त्रिभुजके विकर्ण
कुछ विशिष्ट कोणके त्रिकोणमित्तिय फलनके मान
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]| फलन | |||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ज्या | |||||||
| कोज्या | |||||||
| स्पर्शज्या | अपरिभाषित[१] | ||||||
| व्युस्पर्शज्या | अपरिभाषित[१] | ||||||
| व्युकोज्या | अपरिभाषित[१] | ||||||
| व्युज्या | अपरिभाषित[१] |
निम्नलिखित सारणीमे ई देखावल गेलहे कि चारो चतुर्थांशके कोणला त्रिकोणमितीय फलनके चिह्न का होवहे ।
| चतुर्थांश (Quadrant) | ज्या एवं व्युज्या | कोज्या एवं व्युकोज्या | स्पर्शज्या एवं व्युस्पर्शज्या |
|---|---|---|---|
| I | + | + | + |
| II | + | − | − |
| III | − | − | + |
| IV | − | + | − |
ग्राफ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]परस्पर सम्बन्ध
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]त्रिकोणमितीय फलन निम्नलिखित तालिकामे देल गेल सम्बन्ध द्वारा परस्पर बदलल जा सकहे -
| ज्या | कोज्या | स्पर्शज्या | व्युस्पर्शज्या | व्युकोज्या | व्युज्या | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| ज्या (x) | ||||||
| कोज (x) | ||||||
| स्पर (x) | ||||||
| व्युस (x) | ||||||
| व्युक (x) | ||||||
| व्युज (x) |
त्रिकोणमितीय फलनके अनन्त श्रेणीके रूपमे विस्तार
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]त्रिकोणमितीय फलनके इतिहास
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]आर्यभटके सूर्यसिद्धान्तमे 'ज्या' एवं 'कोटिज्या' के प्रयोग भेलहे जे क्रमशः sine आउ cosine के समानार्थी हे । भारतसे ई ज्ञान अरब भिजुन गेल आउ फिर यूरोप गेल ।
आज प्रयोग कैल जायेवाला सभ छौ त्रिकोणमितीय फलन ९मा शताब्दी तक इस्लामी गणितमे प्रयोग होवे लगल हल । अल-ख्वारिज्मी ज्या, कोज्या आउ स्पर्शज्याके सारणी बनौलन हल ।
सङ्गमग्रामके माधव पन्द्रहमा शताब्दीके आरम्भमे त्रिकोणमितीय फलनके अध्ययन श्रेणीके रूपमे कैलन हे ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- प्रतिलोम त्रिकोणीमितीय फलन या प्रतिलोम वृत्तीय फलन (Inverse trigonometric functions)
- हाइपरबोलिक फलन
- ज्या, कोटिज्या आउ उत्क्रमज्याके इतिहास
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- Visionlearning Module on Wave Mathematics
- GonioLab: Visualization of the unit circle, trigonometric and hyperbolic functions
- Dave's draggable diagram. (Requires java browser plugin)