द्रव
स्वरूप

प्रकृतिमे सभ रासायनिक पदार्थ साधारणत: ठोस, द्रव आउ गैस एवं प्लाज्मा - ई चार अवस्थामे पाएल जाहे । द्रव आउ गैस प्रवाहित हो सकहे, किन्तु ठोस प्रवाहित न होवे । लचीले ठोस पदार्थमे आयतन अथवा आकारके विकृत करेसे प्रतिबल उत्पन्न होवहे । अल्प विकृतिला विकृति आउ प्रतिबल परस्पर समानुपाती होवहे । ई गुणके कारण लचीला ठोस एक निश्चित मान तकके बाहरी बलके सम्भारेके क्षमता रखहे ।
प्रवाहके गुण होवके चलते द्रव आउ गैसके तरल पदार्थ कहल जाहे । ईसभ पदार्थ कर्तन बलके सम्भारेमे अक्षम होवहे आउ गुरुत्वाकर्षणके प्रभावके चलते प्रवाहित होके जौन बर्तनमे रखल रहहे, ओकरे आकार धारण कर ले हे । ठोस आउ तरलके यान्त्रिक भेद बड्डी स्पष्ट न हे । बड्डीमनी पदार्थ, विशेषत: उच्च कोटिके बहुलकके यान्त्रिक गुण, श्यान तरल आउ लचीला ठोसके गुणके मध्यवर्ती होवहे ।