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द्राविडीय भाषा

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द्राविडीय
द्राबिडीयभाषा वा द्राविडिक
भौगोलिक
बिस्तार:
दक्खिन एसिया आउ दक्खिनपुरुबी एसिया, मुख्यतः दक्खिनभारत, उत्तरपूरुबी श्रीलङ्का आउ पाकिस्तान
भाषा बर्गीकरण:बिश्वके प्राथमिक-भाषाकुटुम्बमे से एक
आदि-भाषा:आदिम द्राबिडीय
उपबर्ग:
उत्तर
केन्द्रीय
दक्षिणकेन्द्रीय
दक्षिण
आईएसओ ६३९-२६३९-५:dra

द्राबिडीयभाषाके बितरण

द्राबिडीयभाषा वा द्राविड़भाषा (अथवा कखनियो-कखनियो द्राविडिकभाषा[]) भाषाके एगो परिबार हे जे मुख्यरूपसे दक्खिनभारत, उत्तरपूरुबी श्रीलङ्का आउ दक्खिन-पच्छिम पाकिस्थानमे २५ करोड़ लोगद्वारा बोलल जाहे ।[] औपनिवेशिक जुगके बादसे, मारिशस, बर्मा (म्यान्मार), सिङ्गापुर, मलेसिया, इण्डोनेसिया, कलिङ्गद्वीप (फिलिपिन्स), संयुक्ताधिराज्य, आस्ट्रेलिया, फ्रान्स, कनाडा, जर्मनी, दक्खिन अफ्रिका आउ संयुक्तराज्य अमेरिकामे छोट किन्तु महत्वपूर्ण आप्रवासी समुदाय रहहथ ।

  • अबर्गीकृत द्राबिडीयभाषा (एथ्नोलॉग्-अनुसार) - अल्लर्, बाजिगर्, भारिया, मलङ्कुरवन्, विषावन्
  • अबर्गीकृत दक्षिणद्राबिडीयभाषा (एथ्नोलॉग्-अनुसार) - मल मलैसर्, मलैसर्, थचनदन्, उल्लतन्, कलनदि, कुम्बरन्, कुण्डुवडि, कुरिचिया, अट्टपडि कुरुम्ब, मुदुगा, पाथिया, वयनाडु चेट्टि, पट्टपु

भाषानुसार द्राबिडीयभाषाके बक्ता

  तेलुगु (30.5%)
  तमिल् (26%)
  कन्नड (22.4%)
  मलयाल (14.4%)
  तुलु (0.7%)
  अन्य (2.3%)

१९८१ के बादसे भारतके जनगणनामे खाली १०,००० से अधिक द्वारा बोलल जायेवाला भाषाके सूचना देल गेलहे, जौनमे १७ द्रबिड़भाषो शामिल हे । १९८१ मे ई भारतके जनसङ्ख्याके लगभग २४% हल ।[]

२००१ के जनगणनामे उनखर सङ्ख्या २१.४ करोड़ हल, जे भारतके १०२ करोड़के कुल जनसङ्ख्याके २१% हल ।[] एकर अतिरिक्त भारतके बाहिरे सबसे बड़का द्रबिड़भाषी समूह श्रीलङ्कामे लगभग ४७ लाख तमिल्भाषी हथ । द्रबिड़भाषा बोलेवालाके कुल सङ्ख्या २२.७ कोटि हे, जे भारतीय उपमहाद्वीपके जनसङ्ख्याके लगभग १३% हे ।

द्रबिड़भाषाके सबसे बड़का समूह दक्खिनद्रबिड़भाषा हे, जेकर बोलेवालाके सङ्ख्या लगभग १५ करोड़ हे । तमिल्, कन्नड आउ मलयाल बोलेवालाके सङ्ख्या ९८% हे, जौनमे क्रमशः ७.५ करोड़, ४.४ करोड़ आउ ३.७ करोड़ देसीबक्ता हथ ।

अगला सबसे बड़ दक्खिन-केन्द्रीयशाखा हे, जने ७.८ करोड़ देसीबक्ता हथ, जौनमे से अधिकान्श तेलुगुभाषी हथ । ऊसभ लोगके शामिल करित जिनखर पहिलभाषा तेलुगु नै हे, तेलुगु बोलवालाके कुल सङ्ख्या ८.४ करोड़ हे । ई शाखामे मध्यभारतमे बोले जायेवाला एगो स्वदेसीभाषा गोण्डियो शामिल हे ।

दोसर छोट शाखा उत्तरशाखा हे, जने लगभग ६.३ लाख बक्ता हथ । ई एकमात्र उपसमूह हे जेकर भाषा पाकिस्थानमे बोलल जाहे - ब्राहुईभाषा

सबसे छोट शाखा केन्द्रीयशाखा हे, जने खाली लगभग २ लाख बक्ता हथ । ईसभ भाषा अधिकतर जनजातीय हे आउ मध्यभारतमे बोलल जाहे ।

  1. "Definition of Dravidic | Dictionary.com". www.dictionary.com (अङ्ग्रेजी मे). मूल से 2023-04-09 के पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2022-04-10. नामालूम प्राचल |deadurl= के उपेक्षा कैल गेल (सहायता); नामालूम प्राचल |trans_title= की उपेक्षा कैल गेल (|trans-title= सुझावित हे) (सहायता)सीएस१ रखरखाव: नामालूम भाषा (link)
  2. "Overview of Dravidian languages". Encyclopædia Britannica अभिगमन तिथि: ४ जुलाई २०१८
  3. Ishtiaq, M. (१९९९). Language Shifts Among the Scheduled Tribes in India: A Geographical Study. दिल्ली: मोतिलाल बनारसीदास प्रकाशन. पप॰ 26–27. आई॰ऍस॰बी॰एन॰ 978-81-208-1617-6. अभिगमन तिथि ७ सितम्बर २०१२. नामालूम प्राचल |trans_title= की उपेक्षा कैल गेल (|trans-title= सुझावित हे) (सहायता)
  4. "Abstract of speakers' strength of languages and mother tongues –2001". जनगणना २००१. महानिबन्धक आउ जनगणनायुक्तके कार्यालय, भारत. अभिगमन तिथि १४ अक्तुबर २०१७. नामालूम प्राचल |trans_title= की उपेक्षा कैल गेल (|trans-title= सुझावित हे) (सहायता); |accessdate= में तिथि प्राचल का मान जाँची (सहायता)