महायानसूत्र
स्वरूप


महायान सूत्र बौद्ध धर्मग्रन्थ (सूत्र) है जेकरा महायान बौद्धधर्ममे बुद्धवचनके रूपमे स्वीकार कैल जा है । महायान सूत्र अधिकांशतः संस्कृत पाण्डुलिपिमे, पालिके ग्रन्थमे आउ अनुवादके रूपमे तिब्बती बौद्ध ग्रन्थ आउ चीनी बौद्ध ग्रन्थमे संरक्षित है । ढेर सौ महायान सूत्र संस्कृतमे, या चीनी आउ तिब्बती अनुवादमे संरक्षित है ।[१] प्रारम्भिक स्रोत द्वारा ओकरा कहियो-कहियो "वैपुल्य सूत्र" एहु कहल जा है । बौद्ध विद्वान असङ्ग महायान सूत्रके बोधिसत्व पिटक के भागके रूपमे वर्गीकृत कैलन हल ।[२]
प्राचीन भारतके सब बौद्ध महायान सूत्रके स्वीकार न कर हलन आउ विभिन्न बौद्ध सम्प्रदाय ओकरा "बुद्धवचन" के रूपमे ओकर स्थिति पर सहमत न हलन ।[३] आमतौर पर थेरवाद बौद्धधर्ममे महायान सूत्रके बुद्धवचनके रूपमे स्वीकार न कैल जा है । [४]
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ Skilton 1997, पृ॰ 101.
- ↑ Boin-Webb, Sara (tr). Rahula, Walpola (tr). Asanga. Abhidharma Samuccaya: The Compendium of Higher Teaching. 2001. pp. 199–200
- ↑ Sree Padma. Barber, Anthony W. Buddhism in the Krishna River Valley of Andhra. 2008. p. 68.
- ↑ Hay, Jeff (2009). "World Religions" p. 189. Greenhaven Publishing LLC.