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मापन

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कौनो भौतिक राशिके परिमाण सङ्ख्यामे व्यक्त करेके मापन कहल जा हे । मापन मूलतः तुलना करेके एक प्रक्रिया हे । एकरामे कौनो भौतिक राशिके मात्राके तुलना एक पूर्वनिर्धारित मात्रासे कैल जा हे । ई पूर्वनिर्धारित मात्राके ऊ राशि-विशेषला मात्रक कहल जा हे । उदाहरणला जखनि हमनी कहही कि कौनो पेड़के उँचाई १० मीटर हे त हमनी ऊ पेड़के उचाईके तुलना एक मीटरसे करैत होवही । हियाँ मीटर एक मानक मात्रक हे जे भौतिक राशि लम्बाई या दूरीला प्रयुक्त होवहे । एही प्रकार समयके मात्रक सेकेण्ड, द्रव्यमानके मात्रक किलोग्राम आदि हे ।

मेट्रिक अंशाङ्कन वाला चार माप उपकरण

लॉर्ड केल्विनके निम्नलिखित कथन मापनके महत्त्वके प्रतिपादित करहे -

When you can measure what you are speaking about and express it in numbers you know something about it; but when you cannot express it in numbers, your knowledge is of a meagre and unsatisfactory kind. -- (Lord Kelvin 1883)
मगही अर्थ:
जौन चीजके बारेमे अपने बात करैत ही, यदि अपने ओकरा नाप सकही आउ ओकरा सङ्ख्यामे व्यक्त कर सकही, त अपने ओकर बारेमे कुछ जानही; किन्तु यदि अपने ऊ सङ्ख्यामे अभिव्यक्त नै कर सकी त अपनेके ज्ञान तुच्छ आउ असन्तोषजनक हे । -- (लॉर्ड केल्विन, १८८३ मे)
  • जेकरा नापल नै जा सके ओखरा सङ्ख्यामे व्यक्त नै कैल जा सके । बिन सङ्ख्यात्मक मानके विज्ञान या प्रौद्योगिकी नै हो सके ।
  • यदि कौनो भौतिक राशिके नियन्त्रण करेला हे त ओकरा नापल बिन सम्भव नै हे । बिन शुद्धतापूर्वक नाप कौनो राशिके शुद्धतापूर्वक नियन्त्रणो नै हो सके ।
  • विभिन्न प्रक्रमके प्रयोग करके चीजके उत्पादन कैल जा हे । ई सब प्रक्रियासे प्राप्त उत्पादके गुणवत्ता ई बात पर निर्भर करहे कि ऊ प्रक्रियामे निहित भौतिक राशिके केत्ता शुद्धतासे नियन्त्रित कैल गेल हल ।
  • प्रकृतिके रहस्योके जानेला मापन जरूरी हे । मापने करेसे पता चलहे कि विभिन्न राशिमे का सम्बन्ध हे । एकरेसे नया नियम आउ सिद्धान्त देल जा हे ।
  • पदार्थके उपयोगिता उनकर गुणधर्म पर आधारित हे । एकराला विभिन्न पदार्थके गुणधर्मके विस्तारसे ज्ञान भेल जरूरी हे । एकराला मापन जरूरी हे ।
  • मापनके प्रयोग इञ्जीनियरी, भौतिकशास्त्र एवं अन्य विज्ञानके अतिरिक्त मनोविज्ञान, स्वास्थ्य आदियोमे होवे लगल हे ।

शोध विधितन्त्रमे मापनके वर्गीकृत करेके एक विधि हे मापनके स्तरके निर्धारण । चूँकि मापनमे गुणके सङ्ख्या द्वारा व्यक्त कैल जा हे आउ सङ्ख्याके कुछ प्राकृतिक आउ मूलगुण (properties) होवहे जैसे - उनकर अनन्यता, क्रमिकता, निश्चित अन्तराल पर स्थित भेल इत्यादि; हमनी मापनके वर्गीकरण ई आधार पर कर सकही कि ओकरामे सङ्ख्याके केत्ता गुणके समावेश कैल गेल हे ।

ई आधार पर मनोवैज्ञानिक स्टैनले स्मिथ स्टेवेन्स मापनके चार स्तर बतौलन - नामिक मापक, क्रमिक मापक, अन्तराल मापक आउ अनुपात मापक । ईसब श्रेणीके प्रयोग शोध कार्यमे होवहे आउ ओहाँ ई कौनो परिकल्पनाके सत्यता परीक्षणला प्रयोगमे लावल जाइत साङ्ख्यिकीय विधिके चयनमे महत्वपूर्ण होवहे । उदाहरणला यदि कौनो मापन नामिक या क्रमिक स्तर पर हे ते उपलब्ध आँकड़ाके औसत ज्ञात करेला समान्तर माध्य नै निकालल जा सके केवल बहुलकके प्रयोग कैल जा सकहे ।

विभिन्न क्षेत्रमे प्रयोग कैल जायेवाला अन्य तौल एवं मापके तालिका

[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]

देखी, मापनके मात्रक