मैथिली भाषा
| मैथिली | |
|---|---|
| 𑒧𑒻𑒟𑒱𑒪𑒲 • मैथिली | |
| बोलेके स्थान | भारत आउ नेपाल |
| तिथि / काल | २०१७ |
| क्षेत्र | भारतके बिहार आउ झारखण्ड एवं नेपालके तराई क्षेत्र |
| मातृभाषी बक्ता | लगभग ७ करोड़ |
| भाषापरिवार | हिन्द-यूरोपीय
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| उपभाषा | केन्द्रीय (सोतीपुरा)
अङ्गिका (दक्षिणी मैथिली)
बज्जिका (पश्चिमी मैथिली)
देहाती
किसान
दक्षिणी नेपाली
ठेटिया
पश्चिमी
पूर्वी कुर्था
जोलाहा
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| लिपि | देवनागरी तिरहुता |
| राजभाषा मान्यता | |
| नियन्त्रकसन्स्था | कौनो सङ्गठन न |
| भाषासङ्केत | |
| आइएसओ 639-2 | mai |
| आइएसओ ६३९-३ | mai |
मैथिली भारत आउ नेपालके कुछ भागमे बोले जायेवाला एगो हिन्द-आर्यभाषा हे । ई मिथिला क्षेत्रके मूलभाषा हे, जेकर अन्तर्गत भारतीयराज्य बिहार आउ झारखण्डके कुछ भागके साथे-साथ नेपालके पूरबी तराइयो आवहे । ई भारतके अधिकारिकरूप से मान्यता प्राप्त २२ भाषामे से एक हे आउ नेपालके दोसर सबसे अधिक बोले जायेवाला भाषा हे ।
भाषा मुख्यरूपसे देवनागरीमे लिखल जाहे, किन्तु दु अन्य इतिहासिक रूपसे महत्वपूर्ण लिपि हल - तिरहुता, जे बर्तमान तक कुछ प्रयोग बनैले रखकैहे, आउ कैथी ।
आधिकारिक दर्जा
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]२००३ मे मैथिलीके भारतीय संविधानके अठमा अनुसूचीमे एक मान्यता प्राप्त भारतीयभाषाके रूपमे शामिल कैल गेलै हल, जे एकरा भारतमे शिक्षा, सरकार आउ अन्य आधिकारिक सन्दर्भ सबमे प्रयोग करेके अनुमति दे हे । मैथिलीभाषाके यूपीएससी परीक्षामे वैकल्पिक पेपरके रूपमे शामिल कैल गेलै हे । मार्च २०१८ मे मैथिलीके भारतीय राज्य झारखण्डमे दोसर आधिकारिक भाषाके दर्जा भेटलै ।
भारतीय जनता पार्टीके गोपाल जी ठाकुर भारतके संसदे मैथिलीभाषामे बोलेवाला पहिला लोकसभा सदस्य हखिन । ऊ वर्तमानमे दरभङ्गासे सांसद् हखिन ।
नेपालीभाषा आयोग मैथिलीके कोशी प्रान्त आउ मधेश प्रान्तमे प्रशासनला प्रयोग कैल जाएवाला आधिकारिक नेपालीभाषा बना देलकै हे ।
२६ नवन्बर २०२४ के संविधान दिवसके अवसर पर भारतके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारतीय संविधानके मैथिली संस्करण लॉञ्च कैल गेलै ।