सामग्री पर जैथिन

याङ्गून

विकिपीडिया से
रङ्गूनके रेलवे स्टेशन

याङ्गून म्यान्मार देशके पुरान राजधानी हे । एकर पुरान नाम रङ्गून हलै । (आधुनिक बर्मीमे 'र' के स्थान पर 'य' के उच्चारण होवहे) । बहादुर शाह जफर एहैँ दफन हे । अजाद हिन्द फौज जेकर सर्वोच्च कमाण्डर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस हलन ऊ फौजके मुख्यालय एहैँ हलै ।

रङ्गून दक्षिणी बर्माके मध्यवर्ती भागमे रङ्गून नदीके किनारे मर्तबानके खाड़ी आउ इरावती नदीके मुहानासे ३० किमी उत्तर सागरतलसे खाली २० फुटके ऊँचाई पर स्थित हे । ई बर्माके सबसे बड़नगर आउ प्रमुख बन्दरगाह हे । एहाँ औसत वार्षिक वर्षा १०० इञ्च होवहे । समीपवर्ती क्षेत्रमे धानके खेती अधिक होवहे । बन्दरगाहसे चौर, टीक आउ अन्य लकड़ी, खाल, पेट्रोलियमसे निर्मित पदार्थ आउ चान्दी, सीसा, जस्ता, ताम्बाके वस्तुके निर्यात होवहे । वायुमार्ग, नदीमार्ग आउ रेलमार्ग यातायातके प्रमुख साधन हे । विद्युत् संस्था, रेशमी आउ ऊनी कपड़ा, लकड़ी चिराईके काम, रेलवेके सामान, जलयाननिर्माण आउ मत्स्य उद्योगमे बड़ी उन्नति हो गेलै हे । एहाँ पर सब आधुनिक वस्तु जैसे बड़ बड़ होटल, सिनेमाघर, भण्डार, पगोडा, गिरजाघर, पार्क, वनस्पतिक उद्यान, अजायबघर आउ विश्वविद्यालय आदि हे । एहाँके सबसे प्रमुख भवन श्वेड्रैगन पगोडा हे जे सागरतलसे १६८ फुटके ऊँचाई पर बनल हे । ई पगोडा ३६८ फुट ऊँचा, ९०० फुट लम्बा आउ ६८५ फुट चौड़ा हे आउ एकर ऊपरे सोनाके पन्नी चढ़ल हे । नगरके युद्ध आउ ज्वालामुखीसे बड़ी हानि पहुँचहे ।