राजगीर
| राजगीर राजगृह | |
|---|---|
| बिहारके नगर | |
| निर्देशाङ्क: 25°02′N 85°25′E / 25.03°N 85.42°Eनिर्देशाङ्क: 25°02′N 85°25′E / 25.03°N 85.42°E | |
| देश | |
| राज्य | बिहार |
| जिला | नालन्दा जिला |
| उन्नतांश | 73 मी (240 फीट) |
| जनसङ्ख्या (2011) | |
| • कुल | ४१,५८७ |
| भाषा | |
| • प्रचलित | मगही |
| पिनकोड | 803116 |
| दूरभाष कोड | +91-6112 |
| वाहन पञ्जीकरण | BR-21 |
| लिङ्गानुपात | १०००/८८९ ♂/♀ |
| साक्षरता दर | ५१.८८% |
राजगीर (संस्कृत: राजगृह) भारतके बिहार राज्यके नालन्दा जिलामे स्थित एगो ऐतिहासिक नगर हे । ई कहिँयो मगध साम्राज्यके राजधानी होएल करहल, जेकरासे बादमे मौर्य साम्राज्यके उदय होएल ।[१][२] राजगृहके ऐतिहासिक आउ धार्मिक महत्व है । वसुमतिपुर, वृहद्रथपुर, गिरिब्रज आउ कुशग्रपुरके नामोसे प्रसिद्ध रहल राजगृहके आजकल राजगीरके नामसे जानल जा है । पौराणिक साहित्यके अनुसार राजगीर बह्माके पवित्र यज्ञ भूमि, संस्कृति आउ वैभवके केन्द्र एवं जैनधर्मके २०मा तीर्थङ्कर मुनिसुव्रतनाथ स्वामीके गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान कल्याणक एवं २४मा तीर्थङ्कर महावीर स्वामीके प्रथम देशना स्थलियो रहलै हे साथे भगवान् बुद्धके साधनाभूमि राजगीरेमे है । एकर व्याख्या ऋग्वेद, अथर्ववेद, तैत्तिरीय उपनिषद्, वायु पुराण, महाभारत, वाल्मीकि रामायण आदिमे आवहै । जैनग्रन्थ विविध तीर्थकल्पके अनुसार राजगीर जरासन्ध, श्रेणिक, बिम्बिसार, कनिक आदि प्रसिद्ध शासकके निवास स्थान हलै । जरासन्ध एहैँये श्रीकृष्णके हराके मथुरासे द्वारिका जायेला विवश कैलके हल ।
पटनासे १०० किमी दक्षिण-पूर्वमे पहाड़ी आउ घनी जङ्गलके बीच बसल राजगीर न खाली एक प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थल है बल्कि एक सुन्दर हेल्थ रेसॉर्टो के रूपमे लोकप्रिय है । एहाँ हिन्दु, जैन आउ बौद्ध तीनो धर्मके धार्मिक स्थल है । बिशेष करे बौद्धधर्मसे एकर बड़ी प्राचीन सम्बन्ध है । बुद्ध न खाली ढेर वर्ष तक एहाँ ठहरलन हल बल्कि ढेर महत्वपूर्ण उपदेशो एहैँयेके धरती पर देलन हल । बुद्धके उपदेशके एहैँ लिपिबद्ध कैल गेलै हल आउ पहिला बौद्ध सङ्गीतियो एहैँ होलै हल ।
पर्यटन
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]राजगीर ग्लास ब्रिज
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बिहारके पहिले आउ भारतके दोसर ग्लास ब्रिज राजगीरमे स्थित है । पर्यटकके बीच प्रसिद्ध ई ब्रिज पर चलेके बाद एक बड़ी अद्भुत आउ सुखद अनुभव होत । ई ग्लास ब्रिजसे प्रत्येक दन्ने प्राकृतिक सुन्दरता देखेला भेँटहै । ई हरा-भरा आउ सुन्दर वातावरणमे ई ग्लास ब्रिज पर चलल लोगमे रोमाञ्च भर दे है । राजगीरके यात्रा ई पुलके बिन अधूरा मानल जा है । हर दिन सैकड़ो सब पर्यटक ई पुल पर चलेके एण्ड उठावहथिन ।
वाइल्ड्लाइफ सफारी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]वन्य जीवके प्रेमियोला राजगीर एक बड़ी बेस डेस्टिनेशन है । एहाँके वाइल्ड्लाइफ सफारीमे अपनेके ढेर जानवर आउ पक्षी देखेला भेँटतै । एहाँ ढेर ऐसन पक्षियो लौकतै जे लगभग दुनियामे न के बराबर बचल है । एहाँ सफारीमे अपने बाघ, तेन्दुआ, हिरण, भालू, बायसन, शेर, चीता आउ लकड़बग्घा नियन जानवर देख सकथिन ।[३]
नेचर सफारी, राजगीर
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]रोमाञ्चके दीवानोला राजगीरमे करे लागि बड़ी कुछ है । एहाँके प्राकृतिक सुन्दरताके बीच ढेर ऐसन स्थान है जन्ने ढेर रोमाञ्चक गतिविधिके लुत्फ ले सकथिन । राजगीरमे अपनेके जिपलाइन, रेसलिङ्ग, रॉक क्लाइम्बिङ्ग, स्काई साइकलिङ्ग, आर्चरी रिङ्ग, आउ सस्पेन्शन ब्रिज नियन ढेर एडवेञ्चर गतिबिधि करेला भेँट जाहै ।
विश्वशान्ति स्तूप
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]राजगीरके प्रमुख पर्यटन स्थलमे से एक है "विश्वशान्ति स्तूप" । ई स्तूप भगवान् बुद्धके शान्ति आउ विश्वसङ्घके प्रतीक के रूपमे जानल जा है । एकर निर्माण भारत-जापानके मित्रताके अवसर पर होलै हल आउ एकर ऊँचाईसे अपनेके पूरा राजगीरके सुन्दर दृश्य भेँटहै ।
रोप-वे, राजगीर
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]यदि अपनेके ऊँचाईसे हरा-भरा वादीके साथे पहाड़ देखेके शौक हे त राजगीरके रोपवे पर अपनेके एक बेर जरूर जायेके चाही । ई रोपवेसे अपने राजगीरके विश्व शान्ति स्तूप तक पहुँँच सकहथिन, साथे रास्तामे मनमोहक दृश्यके लुत्फ ले सकहथिन । एहाँ दु रोपवे है एक पुरान है आउ एक नया ।
ब्रह्मकुण्ड
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]ओइसे त राजगीरमे ढेर कुण्ड है । पर ब्रह्मकुण्ड एकरामे से सबसे अधिक प्रसिद्ध है । ई एक ऐसन कुण्ड है, जन्ने स्नान कैल पवित्र मानल जा है । ई ब्रह्मकुण्डके पानी पूरा वर्ष गरम रहहै, चाहे ऊ जाड़ाके मौसम होवे या गर्मीके । ई कुण्डमे पहाड़से होवैत पानी आवहै । यदि अपनहुँ राजगीर जाइत हथिन त एहाँ जाके जरूर स्नान करथिन ।
घोरा कटोरा झील
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]राजगीरमे स्थित घोरा कटोरा झील पर्यटक द्वारा खूब पसन्द कैल जा है । एकर बारेमे बतावल जा है कि पौराणिक समयमे राजगीरके राजा सबके घोड़ा पानी पीयेला एहैँ आवल करहलै । ई झील लगभग तीन दन्नेसे पहाड़ीसे घिरल है । ई झीलके बीचमे भगवान् गौतमबुद्धके एक ७० फीट ऊँचा प्रतिमो स्थापित कैल गेलै हे ।
सम्बन्धित लेख
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
- ↑ "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810
- ↑ "राजगीर में घूमने के लिए है कई खूबसूरत जगह". प्रभात खबर. 27 जुलाई 2023. अभिगमन तिथि 13 दिसम्बर 2023.