सामग्री पर जैथिन

रासायनिक बन्धन

विकिपीडिया से
लेविस डॉट चित्र हे जे रासायनिक बन्धन दर्शावमे मददगार हे

कौनो अणुमे दु या दुसे अधिक परमाणु जौन बलके द्वारा एक दोसरासे बन्धल होवहे ओकरा रासायनिक बन्धन कहल जाहे । ई बन्धन रासायनिक संयोगके बाद बनहे आउ परमाणु अपनासे सबसे भिरुवाला निष्क्रिय गैसके इलेक्ट्रान विन्यास प्राप्त कर ले हे । []

दोसर शब्दमे रासायनिक बन्धन ऊ परिघटना हे जेकरामे दु या दुसे अधिक अणु या परमाणु एक दोसरासे आकर्षित होके आउ जुड़के एक नया अणु या आयन बनावहे (एक विशेष प्रकारके बन्धन 'धात्विक बन्धन' मे ई प्रक्रिया भिन्न होवहे) । ई प्रक्रिया सूक्ष्म स्तर पर होवहे, किन्तु एकर परिणामके स्थूलरूपमे अवलोकन कैल जा सकहे, काहेकि प्रक्रिया अनेकानेक अणु आउ परमाणुके साथे होवहे । गैसमे ई नया अणु स्वतन्त्र रूपसे मौजू़द रहहे, द्रवमे अणु या आयन ढील तौरपर जुड़ल रहहे आउ ठोसमे ई एगो आवर्ती (दुहराव वाला) ढाँचामे एक दोसरासे स्थिरतासे जुड़ल रहहे ।

सामान्यतः रासायनिक बन्धनके तीन भागमे विभाजित कैल जाहे -

1. आयनिक बन्ध- ई बन्धन आयनके मध्य आकर्षणसे बनहे ।

2. सहसंयोजक बन्धन - इलेक्ट्रानके समान साझासे बनहे ।

3. उपसहसंयोजक बन्धन - इलेक्ट्रानके असमान साझेदारीसे बनहे ।

संयोजकता बन्धन सिद्धान्त :

बरिस १९२७ मे हिटलर आउ लन्दन विपरीत इलेक्ट्रान चक्रणके युग्मन एवं उदासीनीकरण पर आधारित सिद्धान्त बनालक । हिटलर आउ लन्दनके अनुसार इलेक्ट्रानिक युग्म बन्ध तखनिये बनहे जखनि भाग लेवेवाला इलेक्ट्रानके चक्रण विपरीत दिशामे होवे । ई प्रकार ऊ बन्धन बनाके अपन चक्रणके उदासीनीकरण कर ले हे जेकरासे उनखर ऊर्जामे कमी आ जाहे ज बन्धके स्थायित्व प्रदान करहे ।

आधुनिक कालमे रासायनिक बन्धनके वर्गीकरण निम्नलिखित प्रकारसे कैल जाहे -

सिग्मा बन्धन
पाई बन्धन
डेल्टा बन्धन
हाइड्रोजन बन्धन
अन्य असंयोजी
  1. Chemistry. {{cite book}}: Cite has empty unknown parameter: |RAipur= (help)