रैखिक समीकरण निकाय

गणितमे (आउ विशेषतः रैखिक बीजगणितमे) समान अज्ञात राशिवाला रैखिक समीकरणके समुच्चयके रैखिक समीकरणके निकाय कहल जाहे ।
उदाहरण लागि,
तीन चर राशि x, y, z मे तीन समीकरणके एक निकाय हे । कौनो रैखिक निकायके चरके स्थान पर जे सङ्ख्यात्मक मान रखे पर ऊ सभ समीकरण एके साथे सन्तुष्ट होवहे, सङ्ख्याके ऊ समुच्चयेके ऊ 'समीकरण निकायके हल' कहल जाहे । ऊपरे देल गेल समीकरणके निकायके हल ई हे:
काहेकि x, y आउ z के ई मान उपरोक्त तीनो समीकरणके सन्तुष्ट करहे ।[१] "निकाय" (system) ई बातके सङ्केत करहे कि सभ समीकरणके एक साथ विचार करेला हे, अलग-अलग नै ।
रैखिक समीकरणके निकायके हल निकालल गणितके सबसे पुरान कर्ममे से एक हे । बड्डीमनी क्षेत्रके समस्याके हल करैत खन्नि रैखिक समीकरण निकायसे सामना होवहे । जैसे आङ्किक सङ्केत प्रसंस्करण, रैखिक इष्टतमकरण । अरैखिक गणितीय समस्याके रेखीकरणोसे रैखिक समीकरण निकाय प्राप्त होवहे । इनका हल करेला गाउसके विलोपन विधि, चोलेस्की अपघटन (Cholesky decomposition) या LU अपघटन द्वारा दक्षतापूर्वक हल कैल जा सकहे । सरल स्थितिमे क्रमेरके नियम काममे लावल जा सकहे ।
सामान्यीकरणके दृष्टिसे n अज्ञात राशिमे m रैखिक समीकरणके निकाय निम्नलिखित ढङ्गसे लिखल जा सकहे -
भेक्टर स्वरूप
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]उपरोक्त समीकरण निकायके निम्नलिखितो प्रकारसे लिखल जा सकहे:
मेट्रिक्स स्वरूप
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भेक्टर रूपमे निरूपित उपरोक्त समीकरणके मेट्रिक्स गुणनके प्रयोग करैत निम्नलिखित अत्यन्त सङ्क्षिप्त रूपोमे लिखल जा सकहे ।
जन्ने
रैखिक समीकरण निकायके हल करे एवं अन्य कार्यला उपरोक्त समीकरणमे आएल गुणाक के एक आव्यूह (मेट्रिक्स) के रूपमे रखल बड्डी सुविधाजनक रहहे । ई मेट्रिक्सके गुणाङ्काव्यूह (cofficient matrix) कहल जाहे । एही प्रकार अज्ञात राशिके एक भेक्टर मेट्रिक्स (x) के रूपमे लेल जाहे आउ समीकरणमे आएल सभ चर-विहीन पदोके भेक्टर मेट्रिक्स b के रूपमे लेल जाहे ।
किन्तु समीकरणके हल आदि निकालैत खन्नि सभ समीकरणके अज्ञात राशि सहित लिखेके आवश्यकता नै होत । वास्तवमे सभ गणितीय सङ्क्रिया A आउ bए पर कैल जाहे । अतः ई दुनोके एकसाथे मिलाके प्रवर्धित गुणाङ्क आव्यूह (augmented cofficient matrix) लिखल आउ ओकरा साथे काम कैल अधिक उपयुक्त रहहे । प्रवर्धित गुणाण्क आव्यूह नीचे लिखल हे:
क्रेमरके नियम
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]रैखिक समीकरणके निकायके हल निकलेला बरिस १७५० मे क्रेमर एक प्रत्यक्ष विधि (direct method) बतौलक । ई गुणाण्क मेट्रिक्सके व्युत्क्रमण (इन्वर्सन) पर आधारित हे ।
मानली n अज्ञात राशिवाला एक रैखिक समीकरण निकायके हल निकालेला हे । मेट्रिक्स रूपे लिखेपर ई समीकरण निकाय ई प्रकार हे:
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क्रेमरके नियमके अनुसार के मान निम्नलिखित सूत्रसे निकालल जैतै:
जन्ने ऊ मेट्रिक्स हे जे के i'मा स्तम्भके स्थान के अवयवके रखसे प्राप्त होवहे ।
उदाहरण (१)
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उदाहरण (२)
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]मेट्रिक्स रूपमे लिखेपर:
के मान ई होत:
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ Linear algebra, as discussed in this article, is a very well established mathematical discipline for which there are many sources. Almost all of the material in this article can be found in Lay 2005, Meyer 2001, and Strang 2005.