वर्णक्रम
स्वरूप


वर्णक्रम (spectrum) कौनो चीजके एक ऐसन व्यवस्था होवहे जेकरामे ऊ चीजके विविधता कौनो गिनतीके श्रेणीमे सीमित न होवे बल्कि कौनो सन्तात्यक (कण्टिन्यम) मे अनगिनत प्रकारसे विविध हो सके । "स्पेकट्रम" शब्दके प्रयोग सबसे पहिले दृग्विद्या (आप्टिक्स) मे कैल गेल हल जन्ने इन्द्रधनुषके रङ्गमे अनगिनत विविधता देखल गेल ।
भौतिकशास्त्रमे प्रयोग
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भौतिकशास्त्रमे कौनो वस्तुसे उभरेवाला प्रकाशके वर्णक्रम ऊ प्रकाशमे सम्मिलित सब रङ्गके फैलाव होवहे । ई देखवल गेल हे कि कौनो तत्त्वके यदि गरम कैर जाये त ऊ अनूठा वर्णक्रमसे प्रकाश छोड़हे । ई वर्णक्रमके जाँचसे पहचानल जा सकहे कि ई कौन तत्त्व से आवैत हे आउ ऊ तत्त्व कौन तापमान पर हे । ई चीजके प्रयोग पृथ्वीसे करोड़ो-अरबो प्रकाश-वर्ष तकके दूरत्व पर स्थित खगोलीय वस्तुके बनावट आउ तापमानके अनुमान करेला कैल जा हे ।