वसिष्ठ
स्वरूप
वसिष्ठ वैदिक कालके विख्यात ऋषि हलन । ऊ ओह सात ऋषि सब (सप्तर्षि) मे से एक हथिन जिनका ईश्वर द्वारा सत्यके ज्ञान एके साथे होलै हल आउ जे मिलके वेदके दर्शन कैलन (वेदके रचना कैलन, ऐसन कहल अनुचित होतै काहेकि वेद त अनादि है) । उनकर पत्नी अरुन्धती हलन । ऊ योग-वासिष्ठमे रामके गुरु हलन । वशिष्ठ राजा दशरथके राज गुरुओ हलन ।
वसिष्ठ ब्रम्हाके मानस पुत्र हलन । त्रिकालदर्शी ऋषि हलन । विश्वामित्र इनकर १०० पुत्रके मार देलन हल तयो ई विश्वामित्रके क्षमा कर देलन । सूर्यवंशी राजा इनकर आज्ञाके बिना कोनो धार्मिक कार्य न करऽ हलन । त्रेताके अन्तिममे ई ब्रम्हालोक चल गेलन हल ।
आकाशमे चमकित सात तारके समूहमे पंक्तिके एक स्थान पर वसिष्ठके स्थित मानल जा है । वशिष्ठके बियाह दक्ष प्रजापति आउ प्रसूतिके पुत्री अरुन्धतीसे होलै हल ।
