विकिरण
भौतिकशास्त्रमे प्रयुक्त विकिरण ऊर्जाके एगो रूप हे जे तरङ्ग या कौनो परमाणु अथवा अन्य निकाय द्वारा उत्सर्जित गतिशील उपपरमाणुविक कणके रूपमे उच्चसे निम्न ऊर्जा अवस्था दने चलहे । विकिरणके परमाणु पदार्थ पर ओकर प्रभावके आधार पर या विआयनीकारकके रूपमे वर्गीकृत कैल जा सकहे । विकिरण जे अणु या परमाणुके आयनीकरण करेमे सक्षम होवहे ओकरामे उर्जाके स्तर विआयनीकारक विकिरणसे अधिक होवहे । रेडियोधर्मी पदार्थ ऊ भौतिक पदार्थ हे जो कि आयनीकारक विकिरण उत्सर्जित करहे ।

विकिरणके प्रकार
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]मुख्यत: विकिरण तीन प्रकारके होवहे: अल्फा, बीटा आउ गामा विकिरण । ई सभ एक अस्थिर परमाणुके नाभिकसे उत्सर्जित होवहे । स्वतःस्फूर्त होवेवाला परमाणु विखण्डन, पोजीट्रान उत्सर्जन आउ न्यूट्रोन उत्सर्जन सामान्यतः कम देखेमे आवहे । इलेक्ट्रोन ग्रसनके परिणामसे स्वतःस्फूर्त क्ष-किरण (एक्स रे) के उत्सर्जन होवहे । रेडियमके कुछ आइसोटोप क्षय विधामे होवहे जने ऊसभ एक सम्पूर्ण 12C6 नाभिकके उत्सर्जन करहे।
विल्हेम राण्टजेनके एक्स किरणके खोजके श्रेय जाहे । ट्रिडियमके आइसोटोपके साथे विभिन्न प्रयोग खन्नि निर्वातमे विद्युत आवेशके नापैत ऊ फोटोनीय उत्सर्जनमे एगो बड़ परिवर्तन अनुभव कैलन । जखनि ऊ ट्रिडियमके तस्वीर लेलन तखनि ऊ पैलन कि एगो ठोस टुकड़ाके अवस्था बड़ तेजीसे बिगड़हे । हेनरी बेक्युरेल पौलन कि यूरेनियम लवणके चलते एगो बिन खुलल फोटो प्लेट धुन्धरा गेल आउ मेरी क्युरी पौलन कि खाली कुछे तत्व ईसभ ऊर्जा किरणके रोकलक । ऊ ई व्यवहारके रेडियोधर्मिता कहके बोलौलन। दिसम्बर १८९८ मे मेरी क्युरी आउ पियरे क्युरी पिचब्लेण्डीमे रेडियमके खोज कैलन । ऊ नया तत्व हल आउ यूरेनियमके तुलनामे दु लाख गुना अधिक रेडियोधर्मी हल ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- मानव स्वास्थ्य और रेडिएशन (मदन जैड़ा)