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विद्युच्चुम्बकीय विकिरण

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विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गके दृष्यात्मक निरूपण

भौतिकशास्त्रमे विद्युच्चुम्बकीय विकिरण मे विद्युच्चुम्बकीय क्षेत्रके तरङ्ग होवहे, जे अन्तरिक्षके माध्यमसे फैलहे आउ संवेग आउ विद्युच्चुम्बकीय विकिरण ऊर्जा ले जा हे । विभिन्न आवृत्तिके विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गके विभिन्न नामसे बोलावल जा हे काहेकि उनकर विभिन्न स्रोत आउ पदार्थ पर प्रभाव होवहे । बढ़ैत आवृत्ति आउ घटैत तरङ्गदैर्घ्यके क्रममे ई हे: रेडियो तरङ्ग, सूक्ष्मतरङ्ग, अवलाल, दृश्यमान प्रकाश, पराबैङ्गनी, X-किरण आउ गामा किरण सम्मिलित हे, ई सब विद्युच्चुम्बकीय वर्णक्रमके भाग हे ।

चिरसम्मत रूपसे विद्युच्चुम्बकीय विकिरणमे विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग होवहे, जे वैद्युतिक आउ चुम्बकीय क्षेत्रके समक्रमित दोलन हे । दोलनके आवृत्तिके आधार पर विद्युच्चुम्बकीय वर्णक्रमके विभिन्न तरङ्गदैर्घ्य उत्पन्न होवहे । एक निर्वातमे विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग प्रकाशके गतिसे यात्रा करहे, जेकरा प्रायः c से निरूपित कैल जा हे । सजातीय, समदैशिक माध्यममे दु क्षेत्रके दोलन एक दोसराके लम्बवत होवहे एवं ऊर्जा आउ तरङ्ग प्रसारके दिशाके लम्बवत होवहे, जेकरासे एक अनुप्रस्थ तरङ्ग बनहे । विद्युच्चुम्बकीय वर्णक्रमके भीतरे एक विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गके स्थितिके एकर दोलनके आवृत्ति या एकर तरङ्गदैर्घ्य द्वारा चित्रित कैल जा सकहे ।

विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग त्वरणसे गुजरेवाला विद्युत आवेशित कण द्वारा उत्सर्जित होवहे, आउ ई तरङ्ग बादमे अन्य आवेशित कणके साथ अन्तःक्रिया कर सकहे, ओकरा पर बल लगा सकहे । विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग ऊर्जा, संवेग आउ कोणीय संवेगके अपन स्रोत कणसे दूर ले जा हे आउ ऊसब मात्राके ऊ पदार्थके प्रदान कर सकहे जेकरा साथे ऊ अन्तःक्रिया करहे । विद्युच्चुम्बकीय विकिरण ऊसब विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गसे जुड़ल होवहे जे स्वयंके फैलावेला स्वतन्त्र हे जे ओकरा उत्पन्न करेवाला गतिमान आवेशके निरन्तर प्रभावके बिना हे, काहेकि ऊ ओहसब आवेशसे पर्याप्त दूरी प्राप्त कर लेलक हे । ई प्रकार विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके कखनियो-कखनियो दूर क्षेत्र कहल जा हे । ई भाषामे निकट क्षेत्र विद्युच्चुम्बकीय क्षेत्रके ऊसब आवेश आउ धाराके पास सन्दर्भित करहे जे ओकरा सीधा उत्पन्न करहे, विशेष रूपसे विद्युच्चुम्बकीय प्रेरण आउ स्थिरवैद्युतिक प्रेरण घटना ।

प्रमात्रा यान्त्रिकीमे विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके देखेके एक वैकल्पिक बिधि ई हे कि एकरामे फोटोन, शून्य विराम द्रव्यमान वाला अपरिवर्तित मूलकण होवहे जे विद्युच्चुम्बकीय क्षेत्रके प्रमात्रा होवहे, जे सब विद्युच्चुम्बकीय अन्तःक्रिया लागि जिम्मेदार होवहे । प्रमात्रा विद्युद्गतिकी ई सिद्धान्त हे कि विद्युच्चुम्बकीय विकिरण परमाणु स्तर पर पदार्थके साथे कैसे सम्पर्क करहे । प्रमात्रा प्रभाव विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके अतिरिक्त स्रोत प्रदान करहे, जैसे परमाणु आउ कृष्णिका विकिरणमे इलेक्ट्रोनके निम्न ऊर्जा स्तरमे सङ्क्रमण । एक व्यक्तिगत फोटोनके ऊर्जा परिमाणित होवहे आउ उच्चावृत्तिके फोटोन लागि अधिक होवहे । ई सम्बन्ध प्लाङ्कके समीकरण E = hf द्वारा देल गेल हे, जन्ने E प्रति फोटोन ऊर्जा हे, f फोटोनके आवृत्ति हे, आउ h प्लाङ्क स्थिराङ्क हे । उदाहरणार्थ एक एकल गामा किरण फोटोन दृश्य प्रकाशके एक फोटोनके ऊर्जा के ~1,00,000 गुणाधिक ले सकहे ।

रासायनिक यौगिक आउ जीव पर विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके प्रभाव विकिरणके शक्ति आउ एकर आवृत्ति दुनो पर निर्भर करहे । दृश्यमान या निम्नावृत्तिके विद्युच्चुम्बकीय विकिरण (अर्थात् दृश्य प्रकाश, अवलाल, सूक्ष्मतरङ्ग आउ रेडियो तरङ्ग) के अनायनकारी विकिरण कहल जा हे, काहेकि एकर फोटोनमे व्यक्तिगत रूपसे परमाण्व या अण्वके आयनित करे या रासायनिक बन्धनके तोड़ेला पर्याप्त ऊर्जा नै होवहे । रासायनिक प्रणाली आउ जीवित ऊतक पर ईसब विकिरणके प्रभाव मुख्यरूपसे ढेर फोटोनके संयुक्त ऊर्जा स्थानान्तरणसे ताप प्रभावके कारण होवहे । एकर विपरीत, उच्चावृत्ति पराबैङ्गनी, X-किरण आउ गामा किरणके आयनकारी विकिरण कहल जा हे, काहेकि ऐसन उच्चावृत्तिके विभिन्न फोटोनमे अणुके आयनित करे या रासायनिक बन्धनके तोड़ेला पर्याप्त ऊर्जा होवहे । ईसब विकिरणमे रासायनिक अभिक्रियाके उत्पन्न करे आउ जीवित कोशिकाके क्षति पहुँचावेके क्षमता होवहे, जे साधारण तापसे उत्पन्न होवहे, आउ ई स्वास्थ्य लागि सङ्कट हो सकहे ।

उन्नैसमा शताब्दीके मध्यमे भौतिकविद् गरम वस्त्वसे अवशोषित एवम् उत्सर्जित होवेवाला विकिरणके सक्रियतासे अध्ययन कैलन । ईसब विकिरणके तापीय विकिरण कहल जा हे । ऊ ई जानेके चेष्टा कैलन कि तापीय विकिरण केकरासे बनल होवहे । अखनि ई भली-भाँति ज्ञात हे कि तापीय विकिरण विभिन्न आवृत्ति अथवा तरङ्गदैर्घ्य वाला विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गसे बनल होवहे । ई अनेक आधुनिक अवधारणा पर आधारित हे जे कि उन्नैसमा शताब्दीके मध्य तक ज्ञात नै हल । तापीय विकिरणके नियमके सर्वप्रथम सक्रियतासे अध्ययन १८५० मे भेल । १८७० के आरम्भमे जेम्स क्लर्क मैक्स्वेल ई सिद्धान्त विकसित कैलन कि विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग आवेशित कण द्वारा उत्पन्न होवहे । ई सिद्धान्तके प्रायोगिक सत्यापन बादमे हाइनरिख हर्ट्ज कैलन ।

विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गके विद्युत आउ चुम्बकीय क्षेत्र घटक । ऊ घटक समान तरङ्गदैर्घ्य, आवृत्ति, गति आउ आयाम वाला होवहे, किन्तु ऊ एक दोसराके लम्बवत तलमे कम्पन करहे ।

प्रकाशो विकिरणके एक रूप हे, जेकर जानकारी वर्ष पूर्वसे हे आउ पुरातनकालसे एकर प्रकृतिके बारेमे बुझेके चेष्टा कैल गेल । पूर्वमे न्यूटन प्रकाशके कणके बनल मानलन । १९मा शताब्दीमे प्रकाशके तरङ्ग प्रकृति प्रतिपादित भेल ।

मैक्स्वेल सर्वप्रथम आवेशित पिण्डके मध्य अन्योन्यक्रिया आउ स्थूल स्तर पर विद्युत् आउ चुम्बकीय क्षेत्रके व्यवहारके व्याख्या कैलन । ऊ ई परामर्श देलन कि वैद्युतिक आवेशित कणके जखनि त्वरित कैल जा हे, त एकान्तर विद्युत् एवं चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होवहे, ई क्षेत्र विद्युत् एवं चुम्बकीय तरङ्गके रूपमे सञ्चरित होवहे, जेकरा ऊ विद्युच्चुम्बकीय तरङ्ग अथवा विद्युच्चुम्बकीय विकिरण नाम देलन ।

विद्युतचुम्बकीय विकिरणके विशेषता

[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
  • ई एक अनुप्रस्थ तरङ्ग (transverse wave) हे । (जखनिकि ध्वनि एक अनुदैर्घ्य यान्त्रिक तरङ्ग हे ।)
  • एकर अस्तित्व विद्युत क्षेत्र एवं चुम्बकीय क्षेत्रके दोलनके कारण होवहे ।
  • एकर सञ्चरणला कौनो माध्यमके भेल आवश्यक नै हे । ई शून्य या निर्वातोमे चल सकहे । (जखनिकि ध्वनिला माध्यम आवश्यक हे ।)
  • एकरामे विद्युत क्षेत्र एवं चुम्बकीय क्षेत्र परस्पर लम्बवत दोलन करहे; आउ विद्युच्चुम्बकीय तरङ्गके सञ्चरणके दिशा विद्युत एवं चुम्बकीय क्षेत्रके लम्बवत होवहे ।
  • शून्य या निर्वातमे प्रकाशके वेग लगभग ३ लाख किमी/से (299,800 किमी/सेकेण्ड) होवहे जे एक नियताङ्क हे । कौनो वस्तु एकरासे अधिक वेगसे गति नै कर सके ।
  • अन्य माध्यममे एकर चाल शून्यमे एकर चालसे कम होवहे ।
  • मानवके आँख विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके जे भागके प्रति संवेदनशील होवहे ओकरा दृष्य प्रकाश (visible light) कहल जा हे । दृष्य प्रकाशके तरङ्गदैर्घ्य (wavelength) ४००० एङ्गस्ट्राम से ८००० एङ्गस्ट्राम तक होवहे ।
  • विद्युत आउ चुम्बकत्व दुनहीँ विद्युच्चुम्बकीय प्रभाव हे ।
  • विद्युच्चुम्बकीय विकिरणमे ऊर्जा एवं संवेगो (momentum) होवहे । जखनि ईसब तरङ्ग कौनो पदार्थसे अनुक्रिया करहे त पदार्थके अणु (परमाणु या इलेक्ट्रोन) के ई ऊर्जा आउ संवेग प्रदान करहे ।
  • विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके दृष्य प्रकाशके अतिरिक्त अन्य विकिरणके उपयोग कुछे दशकसे आरम्भ भेल हे । मानव जखनियो कौनो नया विकिरणके पता लगावहे, सभ्यतामे एक क्रान्ति आ जा हे ।
विद्युच्चुम्बकीय वर्णक्रम - एकरामे दृष्य प्रकाशके भागके बड़ा करके देखावल गेल हे ।

विद्युच्चुम्बकीय विकिरणके वर्गीकरण आवृत्तिके आधार पर होवहे; काहेकि आवृतिके आधार पर इनकर कुछ गुण प्रभावित होवहे । आवृतिके आधार पर निम्न प्रकारके वर्ग होवहे -