विभाजन (गणित)

गुणा करेके प्रक्रियाके विरुद्ध प्रक्रियाके विभाजन या भाग कैल कहल जा हे । जखनि कौनो सङ्ख्या अङ्कमे कौनो सङ्ख्या अथवा अङ्कके एकसे अधिक बेर घटावल जाहे त ओकरा भाग कहल जाहे । सङ्ख्या अथवा अङ्कके जेत्ता बेर घटावल जाहे, ओत्ते बेर भाग देवेला होवहे । भागके ÷ या / चिह्नसे प्रदर्शित कैल जाहे । उदाहरण -
- ४ / २ = २
परिचय
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]भाजन गणितमे ऊ क्रिया हे जेकरासे दु सङ्ख्याके गुणनफल आउ ईसभ सङ्ख्यामे से एकके देल रहेपर दोसर ज्ञात कैल जाहे । देल गुणनफलके 'भाज्य' (dividend or numerator), देल सङ्ख्याके 'भाजक' (divisor or denominator) आउ अभीष्ट सङ्ख्याके 'भागफल' (quotient) कहल जाहे । १८ / ३ = ६ मे भाज्य = १८, भाजक = ३, भागफल=६ हे । स्पष्ट हे कि यदि भाज्य य आउ भाजक क धन पूर्ण सङ्ख्या हे, त भागफल ल तखिनये पूर्ण सङ्ख्या होत जखनि य, क के समापवर्तक होवे, किन्तु यदि य दु क्रमागत समापवर्त्य क*र आउ क*(र+१) के बीचमे हे त र के भागफल आउ (य - क*र) के शेष कहल जाहे । ई भाजन क्रियाके 'साशेष भाजन' कहल जाहे ।
बीजगणितोमे भाजनके अद्वितीय क्रिया हो सकहे । ई तखनि जखनि भाजक आउ भाज्य खाली एक चर य के बहुपद होवे आउ ई बुझल होवे कि शेषके भाजकसे कम घातके बहुपद होवेके चाही ।