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शङ्कु

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एक सामान्य लम्बवृत्तीय शङ्कु
एक सामान्य लम्बवृत्तीय शङ्कु

शङ्कु (cone) एक त्रि-आयामी (त्रिविमीय) संरचना हे, जे शीर्ष बिन्दु आउ एक आधार (आवश्यक नै कि ई आधार वृत्ते होवे) के मिलावेवाला रेखा द्वारा निर्मित होवहे । यदि कौनो शङ्कुके आधार एक वृत्त होवे त ऊ लम्ब वृत्तीय शङ्कु कहला हे । ई समान आधार आउ ऊँचाईके बेलनके १/३ भागके बराबर होवहे ।

शङ्कु रेखा खण्ड, अर्धरेखा, या ऐसन रेखा द्वारा निर्मित होवहे जे एक निश्चित बिन्दु शीर्षके एक समतलीय आधार (जेकरामे शीर्ष स्थित न होवे) के सभ बिन्दुके जोड़ेपर बनहे । शङ्कु एक त्रिविमीय संरचना हे । एक ठोस वस्तुमे ईसभ रेखा या आंशिक रेखा द्वारा बनावल गेल पृष्ठके पार्श्व पृष्ठ कहल जा हे; यदि पार्श्व पृष्ठ असम्बद्ध हे, त ई एक शङ्कुके पृष्ठ हे ।

एक लम्बवृत्तीय शङ्कु आउ एक तिरछा शङ्कु

यदि शङ्कु शीर्षसे दुनो दिशामे असीमित रूपसे दूर तक फैलल हे, तखनि ई मामलामे एकरा कखनियो-कखनियो द्विशङ्कु कहल जा हे । एक शङ्कुके अक्ष, एक सीधा रेखा (यदि कौनो होवे) होवहे, जे शीर्षसे होके गुजरहे, जेकर कारण आधार (आउ पूरा शङ्कु) मे वृत्ताकार समरूपता होवहे ।

ज्यामितिमे सामान्य प्रयोगमे शङ्कुके लम्ब-वृत्तीय मानल जा हे, जन्ने वृत्तीयके अर्थ हे कि शङ्कुके आधार एक वृत्त हे आउ लम्बके अर्थ हे कि शङ्कुके अक्ष, आधारके केन्द्रके साथे समकोण (90 अंश) बनावहे । लम्ब-वृत्तीय शङ्कुमे एकर पार्श्व पृष्ठ आउ एक तलके प्रतिच्छेदन शङ्कु परिच्छेद कहला हे । आमतौर पर शङ्कुके आधार कौनो आकारके हो सकहे आउ शङ्कुके शीर्ष कहौँ हो सकहे (हालाँकि आमतौर पर ई मानल जा हे कि आधार सम्बद्ध हे, जेकर कारण एकर क्षेत्रफल सीमित होवहे, आउ शीर्ष आधारके बाहिरे स्थित होवहे) । लम्ब-वृत्तीय शङ्कुके अतिरिक्त तिरछा शङ्कु होवहे, जेकरामे अक्ष, आधारके केन्द्रके साथे समकोण नै बनावहोवे । ऐसन शङ्कु, जेकर आधार एक बहुभुज होवे, पिरामिड कहला हे ।

एक द्विशङ्कु (असीमित विस्तार नै देखावल गेल हे)

आयतन:

कौनो शङ्कुके आयतन , शङ्कुके आधारके क्षेत्रफल आउ ओकर ऊँचाई के गुणनफलके एक तिहाई होवहे ।

आधुनिक गणितमे ई सूत्रके आसानीसे एक सामान्य समाकलन सूत्रके प्रयोग करके प्राप्त कैल जा सकहे -

द्रव्यमान केन्द्र:

एकसमान घनत्वके ठोस शङ्कुके द्रव्यमान केन्द्र, आधारके केन्द्रसे शीर्षके मिलावेवाला सीधी रेखा पर, आधारके केन्द्रसे एक-चौथाई दूरी पर होवहे ।

लम्ब-वृत्तीय शङ्कु:

आयतन:

त्रिज्या आउ ऊँचाई वाला लम्ब-वृत्तीय शङ्कुके आधारके क्षेत्रफल होवहे, तखनि ई शङ्कुके आयतन निम्न होत-

तिर्यक ऊँचाई:

लम्ब-वृत्तीय शङ्कुके तिर्यक ऊँचाई, शङ्कुके वक्र-पृष्ठ पर एक सीधा रेखाके माध्यमसे, शङ्कुके शीर्ष आउ आधारके वृत्तके कौनो बिन्दुके बीचके दूरी हे । ई द्वारा देल जा हे, जन्ने शङ्कुके आधारके त्रिज्या हे आउ ऊँचाई हे । ई पाइथागोरीय प्रमेय द्वारा सिद्ध कैल जा सकहे ।

पृष्ठीय क्षेत्रफल:

एक लम्ब-वृत्तीय शङ्कुके वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल होवहे, जन्ने शङ्कुके आधारके वृत्तके त्रिज्या आउ तिर्यक ऊँचाई हे । लम्ब-वृत्तीय शङ्कुके आधारके क्षेत्रफल होवहे, तखनि ई शङ्कुके सम्पूर्ण पृष्ठ निम्न प्रकार व्यक्त कैल जा सकहे:

त्रिज्या आउ ऊँचाईके पदमे-

(जन्ने आधारके त्रिज्या आउ ऊँचाई हे ।)

त्रिज्या आउ तिर्यक ऊँचाईके पदमे-

(जन्ने आधारके त्रिज्या आउ तिर्यक ऊँचाई हे ।)

दीर्घवृत्तीय (अण्डाकार) शङ्कु:

कार्तीय निर्देशाङ्क प्रणालीमे दीर्घवृत्तीय शङ्कु निम्न समीकरणके एक बिन्दुपथ हे -

प्रक्षेपीय ज्यामितिमे शङ्कु

[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]

प्रक्षेपीय ज्यामितिमे एक बेलन एक शङ्कु हे जेकर शीर्ष अनन्त पर होवहे, जे आकाशमे एक शङ्कु होवके परिप्रेक्ष्यमे एक बेलनके दृश्यमान रूपसे मेल खा हे ।

प्रक्षेपीय ज्यामितिमे एक बेलन एक शङ्कु हे जेकर शीर्ष अनन्त पर होवहे, जे आकाशमे एक शङ्कु होवेके परिप्रेक्ष्यमे एक सिलेण्डरके दृश्यमान रूपसे मेल खा हे ।