समाकलन
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कलनमे समाकलज एक सङ्कलनके सतत अनुरूप होवहे, जेकर प्रयोग क्षेत्रफल, आयतन आउ ओकर सामान्यीकरणके गणना करेला कैल जाहे । समाकलन समाकलजके गणनाके प्रक्रिया, कलनके दु मूलभूत प्रक्रियामे से एक हे, दोसर अवकलन हे । गणित आउ भौतिकशास्त्रमे समस्याके हल करेला एक विधिके रूपमे समाकलन शुरू भेल, जैसे वक्रके नीचे क्षेत्रफल खोजेला, या वेगसे विस्थापनके निर्धारण । वर्तमान समाकलनके प्रयोग विभिन्न प्रकारके वैज्ञानिक क्षेत्रमे कैल जाहे ।
हियाँ बतावल गेल समाकलज ऊ हे जेकरा निश्चित समाकलज कहल जाहे, जेकरा सङ्ख्या रेखामे दु बिन्दुके मध्य देल फलनके ग्राफ द्वारा समतल कैल गेल क्षेत्रके चिह्नित क्षेत्रफलके रूपमे व्याख्या कैल जा सकहे । परम्परागत रूपसे समतलके क्षैतिज अक्षके ऊपरेके क्षेत्र धनात्मक होवहे जखनिकि नीचेके क्षेत्र ऋणात्मक होवहे । समाकलनो एक प्रत्यवकलजके अवधारणाके सन्दर्भित करहे, एक ऐसन फलन जेकर अवकलज देल फलन हे । ई स्थितिमे ओकरा अनिश्चित समाकलज कहल जाहे । कलनके मूलभूत प्रमेय अवकलनके साथे निश्चित समाकलजके सम्बन्धित करहे आउ कौनो फलनके निश्चित समाकलनके गणना करेला एक विधि प्रदान करहे जखनि एकर प्रत्यवकलज ज्ञात होवे ।
निरूपण एवं शब्दावली
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]सामान्यतः अन्तराल पर वास्तविक चर x के सम्बन्धमे वास्तविक-मान फलन ƒ(x) के x के सापेक्ष समाकलज निम्नोल्लेखित हे:
चिह्न ∫ समाकलनके प्रतिनिधित्व करहे । प्रतीक dx, जेकरा चर x के अवकलज कहल जाहे, इङ्गित करहे कि समाकलनके चर x हे ।
फलन f(x) के समाकल्य कहल जाहे, बिन्द्व a आउ b के समाकलनके सीमा कहल जाहे, आउ समाकलजके अन्तराल [a, b] के ऊपरे कहल जाहे, जेकरा समाकलनके अन्तराल कहल जाहे । एक फलनके पूर्णाङ्क कहल जाहे यदि एकर प्रभावक्षेत्र पर एकर अभिन्न परिमित हे । यदि सीमा निर्दिष्ट हे, त समाकलजके निश्चित समाकलज कहल जाहे ।
जखनि सीमाके लोप होवहे -
तखनि समाकलजके एक अनिश्चित समाकलज कहल जाहे, जे फलनके एक वर्ग (प्रत्यवकलज) के प्रतिनिधित्व करहे जेकर अवकलज समाकल्य हे । कलनके मूलभूत प्रमेय निश्चित समाकलजके मूल्याङ्कनके अनिश्चित समाकलजसे सम्बन्धित करहे ।
गुणधर्म
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]रैखिकता
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]समाकलनीय फलनके सङ्ग्रह रैखिक संयोजनके तहत बन्द हे, आउ एक रैखिक संयोजनके समाकलज, ओकर समाकलजके रैखिक संयोजन हे:
समाकलनके विधि
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]चर परिवर्तन करके समाकलन कैल
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
विभिन्न प्रकारके समाकल
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- – अनिश्चित समाकल (indefinite intergal)
- – निश्चित समाकल (Definite integral)
- – अनन्त समाकल improper integral (=infinite integral)
- – लेबेग समाकल (Lebesgue integral)
- – पृष्ठ समाकल (surface integral)
- – कौनो बन्द वक्रके सापेक्ष वक्ररेखी समाकल
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]बाहरी कड़ी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- Riemann Sum by Wolfram Research
- Introduction to definite integrals by Khan Academy
- Integrais por Só Matemática
- Integral Calculus by Duke University Physics Department
आनलाइन पुस्तकें
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- Keisler, H. Jerome, Elementary Calculus: An Approach Using Infinitesimals, University of Wisconsin
- Stroyan, K.D., A Brief Introduction to Infinitesimal Calculus, University of Iowa
- Warner, Stefan y Costenoble, Steven R., Matemáticas Finitas y Cálculo Aplicado 7e, libro en linea
- Mauch, Sean, Sean's Applied Math Book, CIT, an online textbook that includes a complete introduction to calculus
- Crowell, Benjamin, Calculus, Fullerton College, an online textbook
- Cuartas, Roberto, Cálculo Integral, Tareas Pkus, libro y curso en linea
- Garrett, Paul, Notes on First-Year Calculus
- Hussain, Faraz, Understanding Calculus, an online textbook
- Kowalk, W.P., Integration Theory, University of Oldenburg. A new concept to an old problem. Online textbook
- Rudolph, Dennis, Integral-Rechnung / Integrieren Übersicht, Mathematik Übersicht von Projekt Frustfrei-Lernen.de, Online-Lehrbuch
- Sloughter, Dan, Difference Equations to Differential Equations, an introduction to calculus
- Numerical Methods of Integration at Holistic Numerical Methods Institute
- P.S. Wang, Evaluation of Definite Integrals by Symbolic Manipulation (1972) - a cookbook of definite integral techniques