समुद्र मन्थन
स्वरूप
समुद्र मन्थन एक प्रसिद्ध हिन्दु पौराणिक कथा है । ई कथा भागवत पुराण, महाभारत आउ विष्णु पुराणमे आवऽ है । किन्तु उपरोक्त जेतनष सन्दर्भ प्रस्तुत कैल गेलै हे,ओकरामे शङ्ख धनुषके उल्लेख न है ।
चौदह रत्न
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]
एक प्रचलित श्लोकके अनुसार चौदह रत्न निम्नवत है:
- लक्ष्मीः कौस्तुभपारिजातकसुराधन्वन्तरिश्चन्द्रमाः । ::
- गावः कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवाङ्गनाः । ::
- अश्वः सप्तमुखो विषं हरिधनुः शङ्खोमृतं चाम्बुधेः ।::
- रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मङ्गलम् । ::
सन्दर्भ
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- ↑ शर्मा, महेश (२०१३). हिन्दू धर्म विश्वकोश. प्रभात प्रकाशन. p. ७७. Archived from the original on 4 मार्च 2016. Retrieved 22 अगस्त 2015.
{{cite book}}: Check date values in:|date=(help) - ↑ शर्मा, महेश (२०१३). हिन्दू धर्म विश्वकोश. प्रभात प्रकाशन. p. ५२. Archived from the original on 4 मार्च 2016. Retrieved 22 अगस्त 2015.
{{cite book}}: Check date values in:|date=(help)