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साक्षरता

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साक्षरता (दीर्घ सन्धि: स + अक्षर) के अर्थ हे पढ़ल आउ लिखल जानेला ।[] अलगे-अलगे देशमे साक्षरताके अलगे-अलगे मानक हे । भारतमे राष्ट्रिय साक्षरता मिशन अनुसार यदि कौनो व्यक्ति अपन नाम लिख आउ पढ़ सकहे त ऊ साक्षर मानल जाएत ।

कौनो देश वा राज्यके साक्षरता दर ओहाँके कुल जनसङ्ख्या आउ साक्षर लोगके अनुपातके कहल जा हे । अधिकांशतः एकरा प्रतिशतके रूपमे दर्शावल जा हे । किन्तु कखनियो-कखनियो एकरा प्रति-कोटि (हर हजारके दर पर) के रूपोमे दर्शावल जा हे ।

एकर गणितीय सूत्र हे : साक्षरता दर प्रतिशत = शिक्षित जनसङ्ख्या/कुल जनसङ्ख्या

ई बतावहे कि हर सौ लोगमे से केत्ता लोग साक्षर हथ ।

स्वाधिनता खनि भारतके साक्षरता दर मात्र बारह (१२%) प्रतिशत हलै जे बढ़के लगभग चौहत्तर (७४%) प्रतिशत हो गेलै हे । किन्तु अखनियो भारत संसारके सामान्य दर (८५%) से बड्डी पीछे हे । भारतमे संसारके सबसे अधिक अनपढ़ जनसङ्ख्या निवास करहे । वर्तमान स्थिति कुछ ई प्रकार हे -

  • पुरुष साक्षरता: बेरासी प्रतिशत (८२%)
  • स्त्री साक्षरता: पैँसठ प्रतिशत (६५%)
  • सर्वाधिक साक्षरत दर (राज्य): केरल (९४%)
  • न्यूनतम साक्षरता दर (राज्य): बिहार (६४%)
  • सर्वाधिक साक्षरता दर (केन्द्रप्रशासितप्रदेश): लक्षद्वीप (९२%)

जखनिसे भारत शिक्षाके अधिकार लागू कैलक हे तखनिसे भारतके साक्षरता दर तेजीसे बढ़लै हे । केरल, हिमाचलप्रदेश, मिजोरम, तमिल्नाडु़ आउ राजस्थानमे भेल विशाल बदलाव ईसब राज्यके काया पलट कर देलक हे आउ लगभग सब लैकनके अखनि हुमा शिक्षा प्रदान कैल जा हे ।

  1. "साक्षरता का अर्थ". देशबन्धु. 2009-09-03.[मृत कड़ी]