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सीतामढ़ी

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सीतामढ़ी
𑒮𑒲𑒞𑒰𑒧𑒜𑓃𑒲
नगर
सीतामढ़ी बिहारपर अवस्थित
सीतामढ़ी
सीतामढ़ी
बिहारे स्थिति
निर्देशाङ्क: 26°44′17″N 85°16′25″E / 26.738056°N 85.273611°E / 26.738056; 85.273611निर्देशाङ्क: 26°44′17″N 85°16′25″E / 26.738056°N 85.273611°E / 26.738056; 85.273611
देश भारत
राज्यबिहार
जिलासीतामढ़ी जिला
सरकार
  विधायकमिथिलेश कुमार
  सांसदसुनिल कुमार पिण्टु
क्षेत्रफल
  कुल2,294 किमी2 (886 वर्ग मील)
उन्नतांश
56 मी (184 फीट)
जनसङ्ख्या
 (2011)
  कुल३४,२३,५७४
  घनत्व1,492/किमी2 (3,860/मील2)
भाषा
  प्रचलितमैथिली,बज्जिका
समयमण्डलयुटिसि+०५:३० (भामस)
पिनकोड
843302, 843301, 843331, 843323, 843325, 843327
दूरभाष कोड+91-6226
वाहन पञ्जीकरणBR-30
जालस्थलsitamarhi.nic.in

सीतामढ़ी (बज्जिका/मैथिली: 𑒮𑒲𑒞𑒰𑒧𑒜𑓃𑒲) भारतके बिहार राज्यके तिरहुत प्रमण्डलके सीतामढ़ी जिलामे स्थित एगो नगर हे । ई जिलाके मुख्यालयो हे ।[][] ई सांस्कृतिक मिथिला क्षेत्रके प्रमुख नगर हे जे पौराणिक आख्यानमे सीताके जन्मस्थलीके रूपमे उल्लिखित हे । त्रेतायुगीन आख्यानमे दर्ज ई हिन्दु तीर्थस्थल बिहारके प्रमुख पर्यटनस्थलमे से एक हे ।[]

सीताके जन्मके कारण ई नगरके नाम पहिले सीतामड़ै, फिन सीतामही आउ कालान्तरमे सीतामढ़ी पड़लै । ई नगर लक्षमना (वर्तमानमे लखनदेई) नदीके तटे अवस्थित हे । रामायण कालमे ई मिथिला राज्यके एक महत्वपूर्ण अङ्ग हलै । १९०८ ईस्वीमे ई मुजफ्फरपुर जिलाके भाग बनलै । स्वतन्त्रताके पश्चात् १९७२ मे मुजफ्फरपुरसे अलगे होके ई स्वतन्त्र जिला बनलै । बिहारके उत्तरी गङ्गाके मैदानमे स्थित ई जिला नेपालके सीमा पर होवेके कारण संवेदनशील हे । मैथिली एवं बज्जिका हियाँ बोलल जा हे, किन्तु हिन्दी आउ उर्दू राजकाजके भाषा आउ शिक्षाके माध्यम हे । हियाँके स्थानीय संस्कृति, रामायणकालीन परम्परा आउ धार्मिकता नेपालके तराई प्रदेश आउ मिथिलाके समान हे । त्रेतायुगीन आख्यानमे दर्ज ई हिन्दु तीर्थस्थल बिहारके प्रमुख पर्यटनस्थलमे से एक हे । वर्तमान समयमे ई तिरहुत कमिश्नरीके अन्तर्गत बिहार राज्यके एक जिला मुख्यालय आउ प्रमुख पर्यटनस्थल हे ।

  1. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect
    Archived २०१७-०१-१८ at the वेबैक मशीन," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  2. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810
  3. [जानकी उत्पत्ति महात्म्य, लेखक : राम स्वार्थ सिंह पूनम, पृष्ठ सङ्ख्या:२४]