स्कन्दमाता
स्वरूप
| स्कन्दमाता | |
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स्कन्दमाता - नवदुर्गामे पञ्चम | |
| देवनागरी | स्कन्दमाता |
| सम्बन्ध | हिन्दु देवी |
| अस्त्र | कमल |
| जीवनसङ्गी | शिव |
| सवारी | सिंह |
नवरात्रिके पचमा दिन स्कन्दमाताके उपासनाके दिन होवऽ है । मोक्षके द्वार खोले वाली माता परम सुखदायी हथिन । माँ अपन भक्तके समस्त इच्छाके पूर्ति करऽ हथिन ।
स्वरूप
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]स्कन्दमाताके चार भुजा है । इनकर दहिना दन्नेके नीचे वाला भुजा, जे ऊपर दन्ने उठल होवऽ है, ओकरामे कमल पुष्प है । बामा दन्नेके ऊपरे वाला भुजामे वरमुद्रामे आउ नीचे वाला भुजा जे ऊपरे दन्ने उठल है ओकरोमे कमल पुष्प लेले हथिन । इनकर वर्ण पूर्णतः शुभ्र है । ई कमलके आसन पर विराजमान रहऽ हथिन । एही कारण इनका पद्मासना देवियो कहल जा है । इनकर वाहन सिंह (शेर) है ।