स्थायी अवस्था
स्वरूप
जखनि कौनो भौतिक निकायके विशिष्टता समयके साथे बदलैत नै रहे त कहल जा हे कि ऊ निकाय स्थायी अवस्था (steady state) मे हे । उदाहरणला लोहाके एक थारीके कौनो भट्टीमे गरम करेके बाद पानीके एक बड़ टबमे डाल देल जाये त तनी देर बाद ई थारीके तापमान पानीके तापमान पर आके स्थिर हो जा हे । ई अवस्थाके 'स्थिर अवस्था' या 'स्थिर दशा' कहब । गणितीय रूपमे एकरा ऐसे कहल जा सकहे -
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जन्ने p ऊ तन्त्रके प्रमुख चर हे । उदाहरणला रासायनिक अभियान्त्रिकीमे ई चर ताप, दाब, अभिकारकके सान्द्रता आदि हो सकहे ।
इहो देखी
[सम्पादित करथिन | स्रोत सम्पादित करथिन]- क्षणिक अनुक्रिया (ट्रासिएण्ट रिस्पॉन्स)